कुवैत ने UN में ईरान के खिलाफ उठाई आवाज, कहा क्षेत्र में अशांति फैला रहा है ईरान, हमले में एक की मौत
कुवैत ने संयुक्त राष्ट्र (UN) में ईरान के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। कुवैत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत Nasser Al Hayen ने कहा कि ईरान का लगातार शत्रुतापूर्ण व्यवहार क्षेत्र में अशांति और अस्थिरता फैलाने की एक सोची-समझी साजिश है। कुवैत की न्यूज़ एजेंसी KUNA के अनुसार, राजदूत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से ईरान की इन गतिविधियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की है। हाल के दिनों में कुवैत के तेल टैंकरों और पावर प्लांटों को निशाना बनाया गया है, जिससे क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है।
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ईरान के खिलाफ कुवैत ने संयुक्त राष्ट्र में क्या कहा?
राजदूत Nasser Al Hayen ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ईरान के कार्य अंतरराष्ट्रीय कानूनों और समझौतों का उल्लंघन करते हैं। उन्होंने 25 और 30 मार्च 2026 को हुई मानवाधिकार परिषद की बैठकों में भी इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया था। कुवैत का कहना है कि ईरान का व्यवहार अब बर्दाश्त के बाहर होता जा रहा है। कुवैत ने अपनी रक्षा के लिए संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 के तहत अपने अधिकारों का उपयोग करने की बात भी दोहराई है। उनका कहना है कि ईरान के इन कदमों से खाड़ी देशों के बीच अच्छे पड़ोसी संबंधों और विश्वास बनाने की कोशिशों को गहरा धक्का लगा है।
हालिया हमलों से कुवैत को कितना नुकसान हुआ है?
पिछले 24 घंटों के दौरान कुवैत और आसपास के इलाकों में कई बड़े हमले दर्ज किए गए हैं। इन हमलों का असर तेल की कीमतों और सुरक्षा व्यवस्था पर भी पड़ा है। नीचे दी गई तालिका में हालिया घटनाओं का विवरण दिया गया है:
| तारीख | घटना का विवरण | प्रभाव/नुकसान |
|---|---|---|
| 31 मार्च 2026 | कुवैती तेल टैंकर ‘Al Salmi’ पर हमला | दुबई पोर्ट पर जहाज में आग लगी, कोई हताहत नहीं |
| 31 मार्च 2026 | कुवैत पावर और पानी प्लांट पर हमला | 1 व्यक्ति की मौत और 10 सैनिक घायल हुए |
| 31 मार्च 2026 | मिसाइल और ड्रोन हमले | कुवैती वायु सेना ने कई मिसाइलों को रास्ते में ही नष्ट किया |
| 29 मार्च 2026 | हवाई सीमा का उल्लंघन | 14 बैलिस्टिक मिसाइलें और 12 ड्रोन रोके गए |
इन हमलों के बाद फ्रांस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाने की मांग की है। कुवैत में काम करने वाले प्रवासी भारतीयों और अन्य विदेशी नागरिकों के लिए भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं। खाड़ी में बढ़ते इस तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है, जिसका सीधा असर आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतों पर पड़ सकता है। कुवैत की सेना और एयर डिफेंस सिस्टम अभी हाई अलर्ट पर हैं।




