ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ा युद्ध का खतरा, ट्रंप की चेतावनी और ईरानी सेना का करारा जवाब
ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा तनाव अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने स्पष्ट किया है कि उनकी सेना अमेरिकी जमीनी कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है और उन्हें इसका कोई डर नहीं है। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के तेल और ऊर्जा ठिकानों को खत्म करने की बात कही है। इस बढ़ते विवाद का सीधा असर खाड़ी देशों की सुरक्षा और व्यापार पर पड़ता दिख रहा है।
ईरान और अमेरिका के बीच क्या चल रहा है?
- ईरान ने साफ किया है कि फिलहाल कोई सीधी बातचीत नहीं हो रही है, बस मध्यस्थों के जरिए चेतावनी भरे संदेश भेजे जा रहे हैं।
- अमेरिका ने ईरान के ऊपर अपने B-52 बमवर्षक विमान उड़ाने शुरू कर दिए हैं जो बढ़ते सैन्य दबदबे का संकेत है।
- Donald Trump ने धमकी दी है कि अगर Strait of Hormuz को तुरंत नहीं खोला गया तो वे ईरान के पावर प्लांट और तेल ठिकानों को जमींदोज कर देंगे।
- ईरान के Isfahan शहर में बड़े धमाके की खबर है और इजरायली हमलों में एक दवा कंपनी को नुकसान पहुंचा है।
खाड़ी देशों पर इसका क्या असर हो रहा है?
इस तनाव के बीच 31 मार्च को दुबई के पास एक कुवैती टैंकर पर हमला हुआ है। कुवैत की सेना ने बताया कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने दुश्मन के मिसाइल और ड्रोन हमलों को नाकाम किया है। ईरान की क्रांतिकारी सेना IRGC ने 1 अप्रैल से खाड़ी में मौजूद 18 अमेरिकी कंपनियों को निशाना बनाने की घोषणा की है। इस बीच इटली जैसे देशों ने अमेरिका को अपने एयरबेस इस्तेमाल करने की अनुमति देने से मना कर दिया है। पाकिस्तान और चीन भी इस मामले में मध्यस्थता की कोशिशों में जुटे हुए हैं ताकि क्षेत्र में शांति बहाल की जा सके।




