Iran Israel War Update: ईरान ने इज़राइल पर दागी मिसाइलें, खाड़ी के तेल केंद्रों पर भी हमला
19 मार्च 2026 को ईरान और इज़राइल के बीच तनाव काफी बढ़ गया जब ईरान ने इज़राइल की ओर बड़ी संख्या में मिसाइलें दागीं। यह हमला उस समय हुआ जब इज़राइली प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu युद्ध की प्रगति के बारे में जानकारी दे रहे थे। इन हमलों के चलते पूरे इज़राइल में सायरन बजने लगे और हाइफा में मौजूद Bazan तेल रिफाइनरी को नुकसान पहुँचा। यह हमला पिछले कई दिनों से जारी संघर्ष का हिस्सा माना जा रहा है।
हमले में क्या नुकसान हुआ और इज़राइल की प्रतिक्रिया क्या रही?
ईरान द्वारा दागी गई मिसाइलों में से लगभग आधी मिसाइलों में क्लस्टर हथियारों का उपयोग किया गया था, जिनके टुकड़ों से मध्य इज़राइल में चोटें और नुकसान हुआ। इज़राइली सेना के प्रमुख Lt. Gen. Eyal Zamir ने कहा कि ईरान के खिलाफ उनका अभियान अभी आधा भी पूरा नहीं हुआ है। दूसरी ओर Benjamin Netanyahu ने दावा किया कि पिछले 20 दिनों से जारी अमेरिका और इज़राइल के हवाई हमलों के बाद अब ईरान के पास यूरेनियम संवर्धन या बैलिस्टिक मिसाइल बनाने की क्षमता नहीं बची है।
खाड़ी देशों और तेल बाज़ार पर क्या असर पड़ा?
ईरान ने इज़राइल के साथ-साथ खाड़ी के ऊर्जा केंद्रों को भी निशाना बनाया है, जिससे दुनिया भर में ऊर्जा की कीमतें बढ़ गई हैं। कतर के मुख्य गैस हब Ras Laffan Industrial City पर दो बार हमले किए गए, जिससे वहाँ काफी नुकसान हुआ है। नीचे दी गई टेबल में घटना के मुख्य प्रभावों को देखा जा सकता है:
| क्षेत्र | नुकसान और प्रभाव |
|---|---|
| इजराइल (Haifa) | Bazan तेल रिफाइनरी को नुकसान पहुँचा |
| कतर (Ras Laffan) | मुख्य गैस हब पर दो बड़े हमले हुए |
| सऊदी अरब | वायु रक्षा प्रणालियों ने ड्रोन को रोका |
| ऊर्जा बाज़ार | तेल और गैस की कीमतों में भारी उछाल आया |
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने चेतावनी दी है कि यदि उनके देश के बुनियादी ढांचे पर दोबारा हमला किया गया, तो वे और भी कड़ा जवाब देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि संघर्ष के किसी भी समाधान में नागरिक ठिकानों को हुए नुकसान का मुद्दा उठाना ज़रूरी है। इस बीच फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron ने इस स्थिति को खतरनाक बताया है और तनाव कम करने की अपील की है।




