Iran-Israel War Update: ट्रंप ने Netanyahu को तेल क्षेत्रों पर हमले से रोका, खाड़ी देशों में गैस प्लांट पर हमले के बाद बढ़ी कीमतें
इजरायल और ईरान के बीच बढ़ती लड़ाई का असर अब खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों पर भी पड़ने लगा है। इजरायल द्वारा ईरान के South Pars गैस क्षेत्र पर हमले के बाद ईरान ने पलटवार करते हुए कतर और UAE के ऊर्जा ठिकानों को मिसाइलों से निशाना बनाया है। इस घटनाक्रम के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने बयान दिया है कि उन्होंने इजरायली PM को तेल ठिकानों पर हमला न करने की सलाह दी थी। क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण तेल और गैस की कीमतों में भारी उछाल आया है।
खाड़ी देशों के तेल और गैस सेक्टर पर हमले का क्या असर हुआ?
ईरान के जवाबी हमलों ने कतर और UAE के एनर्जी सेक्टर को काफी नुकसान पहुंचाया है। कतर के Ras Laffan औद्योगिक शहर में LNG सुविधाओं पर हमला हुआ, जिसके बाद QatarEnergy ने काम रोकने की घोषणा की है। इसी तरह UAE में Habshan गैस प्लांट और Bab फील्ड को बंद करना पड़ा है। सऊदी अरब की SAMREF रिफाइनरी पर भी हमले की कोशिश हुई लेकिन वहां असर कम रहा। इन हमलों के कारण वैश्विक बाजार में तेल के दाम बढ़ गए हैं और ईरान ने Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही पर भी रोक लगा दी है।
| देश | प्रभावित क्षेत्र और ताजा स्थिति |
|---|---|
| Qatar | Ras Laffan LNG प्लांट को नुकसान, ईरानी राजनयिकों को देश छोड़ने का आदेश |
| UAE | Habshan गैस प्लांट और Bab फील्ड फिलहाल बंद किए गए |
| Saudi Arabia | SAMREF रिफाइनरी को निशाना बनाया गया, नुकसान कम हुआ |
| Global Market | कच्चे तेल और गैस की कीमतों में अचानक बड़ी बढ़त दर्ज |
| America | नागरिकों को तुरंत ईरान छोड़ने की चेतावनी जारी की गई |
| Kuwait | हवाई क्षेत्र में संदिग्ध ड्रोन मार गिराए गए |
राष्ट्रपति Donald Trump ने इजरायल और ईरान को क्या चेतावनी दी?
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि उन्होंने इजरायली PM Benjamin Netanyahu से बात की थी और उन्हें तेल और गैस क्षेत्रों पर हमला न करने को कहा था। ट्रंप के अनुसार इजरायल ने यह हमला मिडिल ईस्ट के हालातों के गुस्से में आकर किया है। ट्रंप ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ईरान ने दोबारा कतर या किसी अन्य निर्दोष देश के गैस प्लांट पर हमला किया, तो अमेरिका अपनी पूरी ताकत से ईरान के South Pars गैस फील्ड को तबाह कर देगा। फिलहाल अमेरिका और इजरायल के बीच इस मुद्दे पर तालमेल बना हुआ है लेकिन दोनों के उद्देश्य अलग दिख रहे हैं।




