Iran Israel War Update: तेहरान और इसफ़हान में हुए बड़े धमाके, इज़राइल ने 50 ठिकानों पर किया हमला
24 मार्च 2026 को ईरान की राजधानी तेहरान और इसफ़हान शहर में कई बड़े धमाके हुए हैं। इज़राइली सेना ने बताया कि उसने ईरान के 50 से ज़्यादा ठिकानों पर हमला किया है जिसमें खुफिया कमांड सेंटर और हथियारों के गोदाम शामिल हैं। इसके जवाब में ईरान ने भी इज़राइल के कई शहरों और अमेरिकी सैन्य अड्डों पर मिसाइलें दागी हैं। तनाव के बीच खाड़ी देशों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने शांति बनाए रखने की अपील की है।
ईरान और इज़राइल के बीच हुए हमलों का पूरा ब्योरा
इज़राइल ने इस कार्रवाई को एक सफल हमला बताया है और कहा है कि यह ईरानी आक्रामकता को रोकने के लिए ज़रूरी था। इज़राइली सेना के मुताबिक तेहरान में रिवोल्यूशनरी गार्ड के ठिकानों और मिसाइल स्टोरेज साइट्स को नुकसान पहुँचाया गया है। दूसरी तरफ ईरान ने कहा है कि उसने ‘सincere Promise-4’ ऑपरेशन के तहत तेल अवीव और डिमोना जैसे शहरों को निशाना बनाया है। ईरानी अधिकारियों ने इज़राइल के इन हमलों को आतंकी कार्रवाई करार दिया है।
ताज़ा घटनाक्रम और किस देश ने क्या कहा
ईरान के सुरक्षा बलों ने इस बीच देश के अलग-अलग हिस्सों से 30 लोगों को गिरफ्तार किया है जिन पर इज़राइल के साथ संबंध होने का शक है। अमेरिका ने ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर होने वाले हमलों को फिलहाल 5 दिनों के लिए टालने का फैसला किया है। नीचे दी गई टेबल में इस तनाव से जुड़ी मुख्य जानकारी दी गई है।
| स्थान या देश | प्रमुख अपडेट |
|---|---|
| तेहरान और इसफ़हान | इज़राइल द्वारा 50 से ज़्यादा सैन्य ठिकानों पर हमला किया गया |
| तेल अवीव | ईरानी मिसाइल गिरने से 6 लोग घायल हुए और इमारतें क्षतिग्रस्त हुईं |
| ईरान सरकार | ऊर्जा स्टेशनों और खाड़ी देशों के एनर्जी ठिकानों पर हमले की चेतावनी दी |
| अमेरिका (CENTCOM) | ईरान के अंदर मिसाइल और ड्रोन बनाने वाली फैक्ट्रियों पर हमला किया |
| सऊदी अरब | दोनों पक्षों से तुरंत युद्ध रोकने और शांति की अपील की गई |
| इराक़ | अंबर प्रांत में हमले के कारण 14 लोगों की मौत की खबर मिली |
ईरान ने यह भी साफ़ किया है कि वह सीधे तौर पर अमेरिका से बातचीत नहीं कर रहा है लेकिन कुछ मित्र देशों के ज़रिए अमेरिकी प्रस्तावों पर विचार किया जा रहा है। इज़राइल के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि पिछले 24 घंटों में 122 लोग घायल हुए हैं। क्षेत्र में बढ़ते तनाव को देखते हुए अमेरिका ने खाड़ी में एक और विमानवाहक पोत तैनात कर दिया है ताकि किसी भी बड़े हमले का जवाब दिया जा सके।




