ईरान की अमेरिका को बड़ी चेतावनी: कहा ज़मीनी हमला किया तो सैनिकों को जला देंगे, खाड़ी देशों को भी दी सज़ा की धमकी
ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध के बादल गहरे होते जा रहे हैं। ईरान की संसद के स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने अमेरिका को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि उनकी सेना ज़मीनी हमले का इंतज़ार कर रही है ताकि अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाया जा सके। स्पीकर ने उन खाड़ी देशों (Gulf Countries) को भी गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी है जो अमेरिका को अपनी ज़मीन से हमला करने की अनुमति देंगे। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका क्षेत्र में अपनी सैन्य शक्ति को लगातार बढ़ा रहा है।
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ईरान ने अमेरिका और पड़ोसी देशों को लेकर क्या कहा है?
ईरानी स्पीकर ने स्पष्ट किया कि उनकी मिसाइलें अपनी जगह पर तैनात हैं और सेना का मनोबल ऊंचा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका एक तरफ बातचीत का नाटक कर रहा है और दूसरी तरफ गुप्त रूप से ज़मीनी हमले की योजना बना रहा है। रिवोल्यूशनरी गार्ड ने अल्टीमेटम जारी किया है कि अगर 30 मार्च तक ईरानी विश्वविद्यालयों पर हुई बमबारी की निंदा नहीं की गई, तो वे क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी और इज़रायली संस्थानों को निशाना बनाएंगे। उन्होंने लोगों को इन ठिकानों से कम से कम एक किलोमीटर दूर रहने की सलाह दी है।
क्षेत्र में मौजूदा सैन्य और कूटनीतिक हालात की मुख्य बातें
| विषय | महत्वपूर्ण जानकारी |
|---|---|
| अमेरिकी सैन्य तैनाती | 82nd Airborne Division और Marine units के हज़ारों सैनिकों को मिडिल ईस्ट भेजा गया है। |
| पेंटागन की योजना | Pentagon ईरान के Kharg Island और तटीय क्षेत्रों में सीमित ऑपरेशन की तैयारी में है। |
| खाड़ी देशों पर हमला | UAE ने पिछले 24 घंटों में 16 मिसाइलों और 42 ड्रोन्स को मार गिराने की पुष्टि की है। |
| शांति की कोशिशें | पाकिस्तान के इस्लामाबाद में सऊदी अरब, तुर्की और मिस्र के विदेश मंत्री बातचीत कर रहे हैं। |
| हूती विद्रोहियों की भूमिका | यमन के हूती विद्रोहियों ने इज़रायल पर मिसाइलें दागकर इस संघर्ष में अपनी भागीदारी शुरू की है। |
प्रवासियों और आम नागरिकों पर इस तनाव का क्या असर होगा?
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के बीच चिंता बढ़ गई है। ईरान की धमकी के बाद खाड़ी देशों की सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। खास तौर पर UAE जैसे देशों में मिसाइल हमलों की खबरों ने सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है। विदेश मंत्रालय और कूटनीतिक स्तर पर तनाव कम करने की कोशिशें जारी हैं, लेकिन ज़मीनी हालात फिलहाल तनावपूर्ण बने हुए हैं। आम नागरिकों को सलाह दी जा रही है कि वे आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।




