ईरान ने ठुकराया पाकिस्तान का शांति प्रस्ताव, अमेरिका की मांगों को बताया गलत, 93वें दौर के हमले जारी
ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा तनाव अब और भी गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। ईरान ने पाकिस्तान की उस कोशिश को सिरे से खारिज कर दिया है जिसमें वह दोनों देशों के बीच शांति समझौता कराने की पहल कर रहा था। ईरान का कहना है कि अमेरिका की तरफ से रखी गई शर्तें पूरी तरह से गलत हैं और वह इन्हें कभी स्वीकार नहीं करेगा। इस कड़े रुख के कारण अब जल्द ही युद्ध रुकने की संभावना खत्म होती नजर आ रही है।
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ईरान ने शांति के लिए किन मांगों को ठुकराया?
ईरान ने आधिकारिक तौर पर बिचौलियों को बता दिया है कि वह इस्लामाबाद में अमेरिकी अधिकारियों के साथ किसी भी तरह की बैठक नहीं करेगा। ईरान ने युद्ध खत्म करने के लिए अपनी कुछ सख्त शर्तें रखी हैं जिन्हें पूरा करना अमेरिका के लिए चुनौती बना हुआ है।
- ईरान ने अमेरिका से सैन्य हमलों के लिए हर्जाने की मांग की है।
- अमेरिकी सेना को इस क्षेत्र के सभी बेस खाली करने के लिए कहा गया है।
- भविष्य में फिर कभी हमला न करने की लिखित गारंटी मांगी गई है।
- ट्रंप प्रशासन के 15-सूत्रीय प्रस्ताव को ईरान ने पूरी तरह से अतार्किक और अव्यावहारिक बताया है।
जंग के मैदान में अभी क्या चल रहे हैं हालात?
ईरानी सेना ने अमेरिका और इसराइल के खिलाफ अपने जवाबी अभियान के तहत 93वें दौर के हमले किए हैं। इन हमलों में सैन्य संपत्तियों को निशाना बनाया गया है और तनाव काफी बढ़ गया है।
| प्रमुख घटना | विस्तार से जानकारी |
|---|---|
| विमानों का नुकसान | अमेरिका का एक F-15E स्ट्राइक ईगल और एक A-10 विमान मार गिराया गया |
| लापता सैनिक | F-15E का एक क्रू सदस्य सुरक्षित है जबकि दूसरे की तलाश जारी है |
| जवाबी हमला | ईरान ने हमलों की 93वीं लहर को अंजाम दिया |
| अमेरिकी बयान | राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान पर भारी हमला करने की चेतावनी दी है |
ईरान ने उन दावों को भी झूठा बताया है जिसमें राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि ईरान ने खुद युद्धविराम की गुहार लगाई है। ईरान के संयुक्त राष्ट्र मिशन का कहना है कि अमेरिका की धमकियां उनकी कमजोरी को दिखाती हैं। फिलहाल तुर्की और मिस्र जैसे देश दोहा और इस्तांबुल में बातचीत का रास्ता खोलने की कोशिशों में जुटे हुए हैं।




