Iran Tension: ईरान ने मुस्लिम देशों से मांगा समर्थन, सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी को इजरायल ने मारने का किया दावा
ईरान के सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी ने मुस्लिम देशों से अपनी तटस्थता (neutrality) खत्म करने और तेहरान का समर्थन करने की सख्त अपील की है। उन्होंने कहा है कि ईरान अपने पड़ोसी देशों पर कोई दबदबा नहीं बनाना चाहता बल्कि वह इस क्षेत्र में एकता चाहता है। इसी बीच 17 मार्च 2026 को इजरायल के रक्षा मंत्री ने बड़ा दावा किया कि तेहरान में हुए एक हवाई हमले में अली लारीजानी मारे गए हैं। हालांकि ईरान ने एक हस्तलिखित नोट जारी कर उन्हें जीवित बताया है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अभी इसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
मुस्लिम देशों से क्या अपील की गई?
ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव और क्राइसिस मैनेजर अली लारीजानी ने क्षेत्रीय देशों के नाम एक सीधा संदेश जारी किया। उन्होंने उन पड़ोसी देशों पर कड़ी निराशा जताई है जिन्होंने अमेरिका को अपने यहां सैन्य बेस बनाने की जगह दी है। लारीजानी ने स्पष्ट रूप से कहा कि अमेरिका की कोई वफादारी नहीं है और इस क्षेत्र का मुख्य विरोधी इजरायल है।
उन्होंने मुस्लिम देशों के नेताओं से सीधा सवाल किया कि आज का टकराव असल में अमेरिका-इजरायल और मुस्लिम ईरान के बीच है, ऐसे में आप किस तरफ खड़े हैं। ईरान का साफ कहना है कि उनका मकसद किसी पर राज करना नहीं है, बल्कि बाहरी हमलों से खुद को और मुस्लिम जगत को बचाना है।
इजरायल का दावा और ईरान की चेतावनी
एक तरफ ईरान मुस्लिम देशों को एकजुट करने की कोशिश कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ इजरायल ने हमले का बड़ा दावा कर दिया है। इजरायली रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज़ के अनुसार, रात भर चले हवाई हमले में अली लारीजानी को सीधा निशाना बनाया गया। इस दावे को खारिज करने के लिए ईरानी स्टेट मीडिया ने लारीजानी का एक नोट शेयर किया, लेकिन उस पर तारीख नहीं होने के कारण उनके जीवित होने पर संदेह बना हुआ है।
इन घटनाक्रमों के बीच ईरान ने अपनी रक्षा नीति को लेकर सख्त रुख अपनाया है। ईरान ने साफ कर दिया है कि वह अपने ऊपर होने वाले किसी भी हमले को लेकर चुप नहीं बैठेगा।
- पड़ोसी देशों को अलर्ट: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने कहा है कि क्षेत्रीय देश अपनी जमीन या हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ न होने दें।
- कार्रवाई की चेतावनी: अगर किसी भी देश के एयरस्पेस से ईरान पर हमला होता है, तो ईरान उसे अपना विरोधी मानेगा और जवाब देगा।




