Strait of Hormuz New Rules: ईरान ने हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य के लिए जारी किए नए सुरक्षा नियम, कुछ जहाजों से वसूलेगा $2 मिलियन ट्रांजिट फीस
ईरान ने हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले समुद्री जहाजों के लिए नए और बेहद कड़े सुरक्षा नियम लागू कर दिए हैं। ईरान के विदेश मंत्रालय के अनुसार, युद्ध जैसी स्थितियों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को काफी सख्त किया गया है। अब न्यूट्रल देशों के जहाजों को भी इस रास्ते से गुजरने के लिए ईरानी अधिकारियों के साथ पहले तालमेल बिठाना होगा। ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह अपनी सुरक्षा और हितों के खिलाफ इस समुद्री रास्ते का इस्तेमाल नहीं होने देगा।
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किन जहाजों के गुजरने पर रहेगी पाबंदी?
ईरान सरकार ने साफ कर दिया है कि केवल उन्हीं जहाजों को जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति मिलेगी जो नए सुरक्षा नियमों का पूरी तरह पालन करेंगे। ईरान ने उन जहाजों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी है जो ईरान के खिलाफ शत्रुतापूर्ण गतिविधियों में शामिल देशों से जुड़े हैं। राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने कहा है कि यह समुद्री रास्ता ईरान के विरोधियों को छोड़कर बाकी सभी के लिए खुला रहेगा। हालांकि, विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने माना कि तनाव की वजह से कई जहाज इस रास्ते से गुजरने में हिचकिचा रहे हैं।
ट्रांजिट फीस और अन्य नए नियम क्या हैं?
ईरान ने इस समुद्री मार्ग के उपयोग के लिए कुछ विशेष नियम और शर्तें रखी हैं जिन्हें समझना जरूरी है:
- ईरान ने कुछ खास जहाजों से 2 मिलियन डॉलर (करीब 20 लाख डॉलर) की ट्रांजिट फीस वसूलना शुरू कर दिया है।
- ईरानी सांसद अलाउद्दीन बोरुजेर्दी के अनुसार, यह फीस युद्ध के खर्चों और ईरान की ताकत को देखते हुए जरूरी है।
- सैन्य अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने ईरान के ऊर्जा ठिकानों को नुकसान पहुँचाया, तो इस रास्ते को अनिश्चित काल के लिए बंद किया जा सकता है।
- अगर क्षेत्र में ईरान की बिजली आपूर्ति पर असर पड़ा, तो अमेरिकी बेस की मेजबानी करने वाले पड़ोसी देशों के पावर प्लांट भी ईरान के निशाने पर हो सकते हैं।
क्षेत्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय प्रभाव
हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल आपूर्ति रास्तों में से एक है, इसलिए इन नियमों का असर वैश्विक बाजार पर पड़ सकता है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा है कि उनकी सेना ईरानी नौसैनिक लक्ष्यों पर नजर रख रही है जो अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए खतरा बन सकते हैं। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और व्यापारिक गतिविधियों पर भी इस तनाव का सीधा असर देखने को मिल सकता है क्योंकि समुद्री माल ढुलाई में देरी या खर्च बढ़ने की संभावना बनी हुई है।




