Iran Attacks Gulf: ब्रिटिश विदेश मंत्री का बड़ा बयान, खाड़ी देशों पर हमलों को बताया गैर-जिम्मेदाराना
ब्रिटिश विदेश मंत्री Yvette Cooper ने खाड़ी देशों पर ईरान द्वारा किए जा रहे मिसाइल हमलों को बेहद खतरनाक और गैर-जिम्मेदाराना करार दिया है। 21 मार्च 2026 को जारी बयान में ब्रिटेन ने स्पष्ट किया कि ईरान की हरकतें पूरे क्षेत्र की शांति के लिए खतरा हैं। पिछले कुछ दिनों में सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और कुवैत के नागरिक ठिकानों और तेल सुविधाओं को निशाना बनाया गया है। इस तनाव के कारण खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और व्यापारिक गतिविधियों पर भी गहरा असर पड़ने की संभावना है।
ईरान के हमलों और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया का विवरण
ईरान ने पिछले कुछ दिनों में क्षेत्र के 13 देशों में 900 से अधिक मिसाइलें और 3,000 ड्रोन दागे हैं। इसमें रियाद और UAE के महत्वपूर्ण नागरिक ठिकानों को निशाना बनाया गया है। इन हमलों के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय में काफी नाराजगी देखी जा रही है।
- सऊदी अरब पर हमला: 19 मार्च को रियाद में विदेशी मंत्रियों की बैठक के दौरान बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं जिन्हें सफलतापूर्वक हवा में ही नष्ट कर दिया गया।
- शिपिंग रूट पर खतरा: ईरान द्वारा Strait of Hormuz को बंद करने की कोशिशों की ब्रिटेन सहित कई देशों ने कड़ी निंदा की है।
- ऊर्जा संपत्तियों पर खतरा: ईरान ने चेतावनी दी है कि खाड़ी देशों के तेल और गैस क्षेत्र उसके लिए वैध लक्ष्य हैं।
- UN का रुख: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने प्रस्ताव 2817 पारित कर इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन माना है।
खाड़ी देशों की सुरक्षा पर ब्रिटेन और सऊदी अरब का रुख
ब्रिटेन ने साफ कर दिया है कि वह खाड़ी देशों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है लेकिन वह किसी भी आक्रामक सैन्य कार्रवाई में शामिल नहीं होगा। ब्रिटिश विदेश मंत्री ने बताया कि रक्षात्मक सहयोग के लिए उन्होंने अमेरिकी सेना को अपने एयरबेस इस्तेमाल करने की अनुमति दी है।
| प्रमुख घटनाक्रम | असर और कार्रवाई |
|---|---|
| ब्रिटेन का फैसला | अमेरिका को RAF Fairford और Diego Garcia बेस इस्तेमाल करने की अनुमति दी |
| सऊदी अरब का बयान | ईरान पर बचा-खुचा भरोसा भी खत्म हो गया और सैन्य कार्रवाई का हक सुरक्षित रखा |
| UAE और कुवैत | मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा किया गया |
सऊदी अरब के विदेश मंत्री ने रियाद में हुई बैठक के बाद कहा कि ईरान की हरकतों से अब उस पर से पूरा भरोसा खत्म हो चुका है। खाड़ी देशों में रहने वाले लाखों भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए यह स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है क्योंकि इससे हवाई यात्रा और समुद्री व्यापार प्रभावित हो सकता है।




