Iran का बड़ा फैसला, Strait of Hormuz के बाद अब Bab al-Mandeb रास्ता बंद करने की धमकी, दुनिया में तेल की कीमतों पर संकट.
ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा विवाद अब एक खतरनाक मोड़ पर आ गया है। ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के सलाहकार अली अकबर विलायती ने साफ शब्दों में कहा है कि उनके सहयोगी बाब अल-मंडेब समुद्री रास्ते को बंद कर सकते हैं। ईरान ने पहले ही हॉर्मुज जलडमरूमध्य को व्यापार के लिए बंद कर रखा है, जिससे वैश्विक बाजार में काफी तनाव देखा जा रहा है। इस कदम से तेल की सप्लाई और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर बहुत बुरा असर पड़ने की संभावना है।
बाब अल-मंडेब बंद होने से आम आदमी पर क्या असर पड़ेगा?
बाब अल-मंडेब समुद्री रास्ता व्यापार के लिहाज से बहुत जरूरी है क्योंकि यहाँ से दुनिया का लगभग 12 फीसदी समुद्री व्यापार होता है। अगर ईरान के सहयोगी इस रास्ते को रोकते हैं, तो कच्चे तेल की सप्लाई रुक जाएगी और दुनिया भर में महंगाई बहुत ज्यादा बढ़ सकती है। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और वहां से आने-जाने वाले सामानों पर भी इसका सीधा असर देखने को मिल सकता है। हर दिन यहाँ से 40 लाख बैरल से ज्यादा पेट्रोलियम निकाला जाता है, जिसका रुकना वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा झटका होगा।
तनाव कम करने की कोशिशें और अमेरिका की चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सख्त चेतावनी दी है कि अगर हॉर्मुज का रास्ता 7 अप्रैल की रात 8 बजे तक नहीं खुला, तो वे ईरान के पावर प्लांट और पुलों पर हमला करेंगे। इसके जवाब में ईरानी जनरल अली अब्दुल्लाही ने ट्रंप के बयानों को बेवकूफी भरा बताया है और कहा है कि वे अपनी सुरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
| मुख्य नाम | प्रमुख बयान और घटना |
|---|---|
| अली अकबर विलायती | बाब अल-मंडेब को हॉर्मुज की तरह ही बंद करने की चेतावनी दी। |
| डोनाल्ड ट्रंप | 7 अप्रैल तक रास्ता न खुलने पर हमले की डेडलाइन तय की। |
| महदी तबातबाई | नुकसान की भरपाई होने तक हॉर्मुज को न खोलने की बात कही। |
| 20 से ज्यादा देश | ईरान द्वारा हॉर्मुज को बंद करने की कड़े शब्दों में निंदा की। |
ईरान ने किसी भी तरह के संघर्ष विराम के प्रस्ताव को फिलहाल खारिज कर दिया है। उनकी मांग है कि युद्ध को पूरी तरह से बंद किया जाए, हर्जाना दिया जाए और उन पर लगे प्रतिबंध हटाए जाएं। इस स्थिति के कारण खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले भारतीयों और अन्य देशों के लोगों के बीच चिंता का माहौल बना हुआ है क्योंकि इससे दैनिक जीवन और यात्रा पर असर पड़ सकता है।




