Kuwait New Rules: कुवैत में 28 स्टेट सिक्योरिटी केसों की मीडिया कवरेज पर रोक, नया कानून आज से प्रभावी.
कुवैत सरकार ने देश की सुरक्षा से जुड़े 28 बड़े केसों की जानकारी सार्वजनिक करने पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी है। यह फैसला स्टेट सिक्योरिटी और आतंकवाद अपराध विभाग की ओर से लिया गया है। काउंसलर Nasser Al-Badr ने आदेश दिया है कि इन केसों से जुड़ी कोई भी खबर, फोटो या दस्तावेज अब मीडिया या सोशल मीडिया पर प्रकाशित नहीं किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि यह कदम संवेदनशील जांच की गोपनीयता बनाए रखने और न्याय प्रक्रिया को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी है।
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क्या है सरकार का नया आदेश और क्यों लिया गया फैसला?
यह पाबंदी कुवैत के नए कानून के तहत लगाई गई है जो गंभीर अपराधों की सुनवाई से जुड़ा है। विभाग ने साफ कर दिया है कि जब तक अगला आदेश नहीं आता, तब तक इन 28 मामलों की कोई भी अपडेट जनता के बीच नहीं आनी चाहिए। सरकार चाहती है कि इन संवेदनशील मामलों की जांच में कोई बाहरी दखल न हो और राष्ट्रीय सुरक्षा को कोई खतरा पैदा न हो। अटॉर्नी जनरल Saad Al-Safran ने भी इस बारे में निर्देश जारी किए हैं और कहा है कि ये जांच पूरी तरह गोपनीय हैं।
इन नियमों का उल्लंघन करने पर क्या होगा?
कुवैत में रहने वाले प्रवासियों और स्थानीय नागरिकों के लिए यह समझना जरूरी है कि इन नियमों का पालन न करना कानूनी मुश्किल पैदा कर सकता है। पब्लिक प्रोसिक्यूशन ने स्पष्ट किया है कि अपराध प्रक्रिया संहिता की धारा 75 के तहत जांच से जुड़ी जानकारी फैलाना मना है। सरकार ने हाल ही में स्टेट सिक्योरिटी और आतंकवाद की फंडिंग पर नजर रखने के लिए एक विशेष विभाग भी बनाया है। कुवैत में मौजूद भारतीय नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे सोशल मीडिया पर इन मामलों से संबंधित किसी भी अपुष्ट जानकारी या लीक हुए दस्तावेजों को शेयर करने से बचें।
अहम जानकारी और संबंधित विभाग
| संस्था/अधिकारी | भूमिका |
|---|---|
| Counselor Nasser Al-Badr | स्टेट सिक्योरिटी विभाग के प्रमुख जिन्होंने आदेश जारी किया |
| Public Prosecution | जांच की गोपनीयता बनाए रखने वाली संस्था |
| Saad Al-Safran | कुवैत के अटॉर्नी जनरल |
| Al-Rai और Times Kuwait | खबर रिपोर्ट करने वाले स्थानीय मीडिया संस्थान |




