Iran US Conflict: ईरान की अमेरिका को खुली चेतावनी, संसद अध्यक्ष बोले- अमेरिकी सैनिकों का इंतज़ार कर रही है सेना
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अब खतरनाक मोड़ पर पहुँच गया है। ईरान की संसद के अध्यक्ष Mohammad Bagher Ghalibaf ने 29 मार्च 2026 को एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि उनकी सेना अमेरिकी सैनिकों का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने अमेरिका पर आरोप लगाया कि वह एक तरफ बातचीत का नाटक कर रहा है और दूसरी तरफ ईरान पर जमीनी हमले की गुप्त योजना बना रहा है। खाड़ी क्षेत्र में इस समय हजारों अमेरिकी सैनिकों की मौजूदगी से युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है।
ईरान और अमेरिका के बीच क्या है ताज़ा विवाद?
ईरानी संसद के अध्यक्ष Ghalibaf ने IRNA न्यूज़ एजेंसी के ज़रिए साफ़ कहा कि उनकी सेना अमेरिकी सैनिकों का इंतज़ार कर रही है ताकि उन्हें कड़ा सबक सिखाया जा सके। उन्होंने राष्ट्रपति Donald Trump की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि अमेरिका सार्वजनिक तौर पर शांति की बात करता है लेकिन पर्दे के पीछे से हमले की तैयारी कर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, पेंटागन Kharg Island और Strait of Hormuz के आसपास के इलाकों में विशेष ऑपरेशन चलाने की योजना बना रहा है। इसमें अमेरिकी स्पेशल फोर्सेज और पैदल सेना के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
क्षेत्र में सैन्य हलचल और प्रवासियों पर इसका असर
मिडिल ईस्ट में बढ़ रहे इस तनाव का सीधा असर वहाँ रहने वाले लोगों और खासकर भारतीय प्रवासियों पर पड़ सकता है। युद्ध जैसी स्थिति बनने से तेल की कीमतों और विमान सेवाओं पर प्रभाव पड़ना तय है। नीचे दी गई टेबल में क्षेत्र की वर्तमान स्थिति को समझा जा सकता है:
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| अमेरिकी सेना की तैनाती | लगभग 2,500 US Marines और हजारों सैनिक क्षेत्र में तैनात |
| हालिया हमले | ईरानी बंदरगाह पर हमले में 5 लोगों की मौत की खबर |
| औद्योगिक क्षेत्रों पर हमला | Bahrain और UAE के एल्युमीनियम प्लांट पर हमले का दावा |
| शांति की कोशिशें | Pakistan, Saudi Arabia और Egypt तनाव कम करने में जुटे |
| हूती विद्रोहियों की भूमिका | Yemen के हूती विद्रोहियों ने इजरायल पर मिसाइल दागने का दावा किया |
ईरान ने अपनी सेना को शहरी युद्ध और तटीय क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए विशेष निर्देश जारी किए हैं। UAE और Bahrain जैसे देशों में काम कर रहे प्रवासियों को सलाह दी जाती है कि वे अपने दूतावास और स्थानीय प्रशासन की खबरों पर लगातार नज़र बनाए रखें। फिलहाल क्षेत्र के बड़े देश जैसे सऊदी अरब और पाकिस्तान कूटनीतिक रास्तों से इस तनाव को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं ताकि खाड़ी क्षेत्र में शांति बनी रहे।




