ईरान और अमेरिका के बीच संदेशों का लेन-देन शुरू, विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने किया बड़ा खुलासा
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने 31 मार्च 2026 को पुष्टि की है कि ईरान और अमेरिका के बीच संदेशों का आदान-प्रदान चल रहा है। अल जजीरा को दिए बयान में उन्होंने बताया कि ये संदेश सीधे तौर पर या क्षेत्र के मित्र देशों के जरिए भेजे जा रहे हैं। अरागची ने स्पष्ट किया कि इसे फिलहाल कोई बातचीत या समझौता नहीं माना जाना चाहिए। उनका कहना है कि ईरान अभी युद्ध खत्म करने के लिए किसी औपचारिक बातचीत के मूड में नहीं है और वह केवल अपनी शर्तों पर ही आगे बढ़ेगा।
ईरान और अमेरिका के बीच संचार के लिए कौन से देश मदद कर रहे हैं?
इस संचार प्रक्रिया में पाकिस्तान, तुर्की और मिस्र जैसे देश क्षेत्रीय मित्रों के रूप में मदद कर रहे हैं। ईरान के विदेश मंत्री ने बताया कि उन्हें अमेरिकी विशेष दूत Steve Witkoff से सीधे संदेश भी मिले हैं। हालांकि, ईरान का कहना है कि उसका फिलहाल बातचीत करने का कोई इरादा नहीं है और वह केवल अपनी रक्षा पर ध्यान दे रहा है। अमेरिका ने पाकिस्तान के माध्यम से शांति के लिए एक 15 सूत्री प्रस्ताव भी भेजा था, जिसे ईरान ने सीधे तौर पर स्वीकार करने से मना कर दिया है।
क्षेत्र में तनाव के बीच और कौन से बड़े घटनाक्रम सामने आए हैं?
- ईरान के खुफिया मंत्रालय ने 31 मार्च को अमेरिका और इजरायल के लिए जासूसी करने के आरोप में 54 लोगों को गिरफ्तार किया है।
- अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने सहयोगियों से कहा है कि वे Strait of Hormuz में अपनी ऊर्जा सुरक्षा का खुद ध्यान रखें।
- अमेरिकी जनरल Joseph L. Votel का मानना है कि ईरान बातचीत में देरी करने की रणनीति अपना रहा है ताकि हमलों को रोका जा सके।
- राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि वे अभी क्षेत्र से अमेरिकी सेनाओं को वापस बुलाने के लिए तैयार नहीं हैं।
- ईरान का कहना है कि वह अपनी सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाता रहेगा और युद्ध को अपने नियमों पर ही खत्म करेगा।




