Iran-US War: भारत के किसानों की बढ़ी टेंशन, खाद की सप्लाई रुकने का डर, Gulf देशों के रास्ते बंद होने से मची खलबली
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध जैसे हालात का असर अब भारत के खेतों तक पहुँच गया है। Gulf देशों और Strait of Hormuz के रास्ते आने वाले खाद (Fertilizer) की सप्लाई रुकने का डर है। भारत दुनिया में खाद का दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता है, इसलिए इस तनाव से भारतीय किसानों के बीच घबराहट बढ़ गई है और खाद की भारी कमी होने की आशंका जताई जा रही है।
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खाद की कमी और बढ़ती कीमतों का क्या है मामला?
भारत हर साल 6 करोड़ टन से ज़्यादा खाद का इस्तेमाल करता है, जिसके लिए वह काफी हद तक Gulf देशों पर निर्भर है। Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही 95% तक कम हो गई है, जिससे दुनिया के आधे यूरिया एक्सपोर्ट पर ब्रेक लग गया है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इस वजह से खाद की कीमतों में करीब 30% का उछाल आया है, जिससे बुवाई के सीजन से पहले किसानों के लिए बड़ी मुश्किल खड़ी हो गई है।
सरकार ने किसानों को बचाने के लिए क्या कदम उठाए हैं?
भारत सरकार ने किसानों को राहत देने के लिए सब्सिडी में 465 मिलियन डॉलर की बढ़ोतरी की है। साथ ही, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने खाद बनाने वाले प्लांटों के लिए गैस की सप्लाई 5% बढ़ा दी है ताकि घरेलू उत्पादन को सहारा मिल सके। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी तनाव और शिपिंग में हो रही देरी की वजह से बाजार में खाद की किल्लत और पैनिक बाइंग का माहौल बना हुआ है।
तनाव और सप्लाई चेन पर असर का पूरा ब्योरा
| तारीख | महत्वपूर्ण घटना/अपडेट |
|---|---|
| 1 अप्रैल 2026 | UNCTAD ने चेतावनी दी कि Strait of Hormuz में शिपिंग 95% तक गिर गई है। |
| 7 अप्रैल 2026 | खाद की कीमतों में 30% उछाल आया और यूरिया एक्सपोर्ट आधा रह गया। |
| 8 अप्रैल 2026 | भारत सरकार ने खाद प्लांटों के लिए गैस कोटा 5% बढ़ाया। |
| 9 अप्रैल 2026 | अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते का अस्थायी युद्धविराम हुआ। |
| 10 अप्रैल 2026 | IFPRI ने खाद्य सुरक्षा और खाद की कीमतों पर गंभीर खतरा जताया। |
| 11 अप्रैल 2026 | ईरान की चेतावनी के बावजूद US Navy के दो युद्धपोत Strait of Hormuz से गुजरे। |
| 12 अप्रैल 2026 | Al Jazeera ने रिपोर्ट किया कि भारतीय किसान सप्लाई चेन टूटने से डरे हुए हैं। |




