Iran US War Update: ईरान अमेरिका युद्ध के 11वें दिन सऊदी ने मार गिराए 2 ड्रोन, UAE और बहरीन में बजे खतरे के सायरन
ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध अपने 11वें दिन में प्रवेश कर चुका है। इस जंग का असर अब इराक, लेबनान और इजराइल के साथ-साथ सीधे तौर पर खाड़ी देशों पर भी दिखने लगा है। सऊदी अरब ने अपने पूर्वी तेल क्षेत्र के ऊपर 2 ड्रोन को नष्ट किया है। इसके अलावा UAE और बहरीन में भी खतरे के इमरजेंसी सायरन बजे हैं, जिससे वहां रहने वाले प्रवासियों और स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है।
खाड़ी देशों और तेल सप्लाई पर क्या असर हो रहा है?
हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) लगभग बंद होने की कगार पर है। इसकी वजह से दुनिया की 20 प्रतिशत तेल सप्लाई पूरी तरह से रुक गई है। ईरान की सेना (IRGC) ने ऐलान किया है कि अगर इजराइल और अमेरिका के हमले नहीं रुके तो इस क्षेत्र से एक लीटर तेल भी बाहर नहीं जाने दिया जाएगा।
दूसरी तरफ अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने तेल के जहाजों को रोका तो उस पर 20 गुना ज्यादा ताकत से हमला किया जाएगा। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय और अन्य प्रवासियों के लिए यह स्थिति संवेदनशील हो गई है।
सऊदी अरब की तेल कंपनी अरामको के CEO अमीन नासर ने इस बीच एक राहत की खबर दी है। उन्होंने बताया कि अगले 48 घंटों के अंदर ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन को उसकी पूरी क्षमता यानी 70 लाख बैरल प्रतिदिन पर चालू कर दिया जाएगा। इससे ब्लॉक हुए समुद्री रास्ते को बायपास करके तेल सप्लाई जारी रखी जा सकेगी।
युद्ध में अब तक कितना नुकसान हुआ?
इस संघर्ष में अब तक कई जगहों पर सीधे हमले हुए हैं और जान-माल का काफी नुकसान हुआ है। इजराइल की सेना (IDF) ने ईरान की राजधानी तेहरान पर हवाई हमले किए हैं। वहीं ईरान ने भी इजराइल के तेल अवीव और यरूशलम पर मिसाइलें दागी हैं। युद्ध में हुई मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है।
- ईरान: 1230 से ज्यादा मौतें
- लेबनान: लगभग 500 मौतें
- इजराइल: 11 मौतें
- अमेरिकी सेना: 7 जवानों की मौत
लेबनान में इजराइल ने टायर और सिडोन शहरों को खाली करने का तत्काल आदेश दिया है और आम लोगों को टार्गेट से कम से कम 300 मीटर दूर रहने को कहा है। इराक में भी इस्लामिक रेजिस्टेंस ने अमेरिकी ठिकानों पर 37 ड्रोन और मिसाइल हमले किए हैं। ईरान ने इराक के कुर्दिस्तान में अल-हरीर एयरबेस पर भी मिसाइल से सीधा हमला किया है।
इन देशों के नेताओं ने क्या बयान दिए?
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने स्पष्ट कर दिया है कि अब अमेरिका के साथ बातचीत का कोई सवाल ही नहीं है और ईरान एक लंबे मिसाइल युद्ध के लिए तैयार है। यह बयान स्थिति को और गंभीर बनाता है।
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि उनका लक्ष्य ईरान की सरकार को सत्ता से हटाना है। उन्होंने दावा किया है कि उनके सैन्य हमले ईरान की कमर तोड़ रहे हैं।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी एक बयान में कहा है कि उनका सैन्य मिशन समय से आगे चल रहा है और उनका प्लान लगभग पूरा हो चुका है। इन सभी बयानों से साफ होता है कि यह युद्ध फिलहाल जल्दी रुकने वाला नहीं है और क्षेत्र में तनाव अभी बना रहेगा।





