ईरान ने अमेरिकी युद्धपोत और इसराइली जहाज पर दागी मिसाइलें, समुद्र में मची अफरातफरी, 16 भारतीय जहाज भी फंसे.
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने सोमवार, 6 अप्रैल 2026 को बड़ा दावा करते हुए बताया कि उन्होंने अमेरिकी युद्धपोत USS Tripoli (LHA-7) और एक इसराइली कंटेनर जहाज ‘SDN7’ पर सीधे हमले किए हैं. ईरानी मीडिया के मुताबिक, इस कार्रवाई के बाद अमेरिकी जहाज को पीछे हटना पड़ा और वह हिंद महासागर की गहराई में चला गया. इस घटना के बाद खाड़ी क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है और समुद्र में जहाजों की सुरक्षा को लेकर बड़ा खतरा पैदा हो गया है.
ईरान और अमेरिका के बीच समुद्र में क्या हुआ?
ईरानी सेना IRGC के अनुसार, यह हमला उनके एक बड़े सैन्य अभियान का हिस्सा था जिसे काफी सोच-समझकर अंजाम दिया गया. उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी युद्धपोत LHA-7 को निशाना बनाने के बाद उसे पीछे हटने के लिए मजबूर किया गया. वहीं, इसराइली जहाज ‘SDN7’ में हमले के बाद आग लगने की बात कही गई है. हालांकि, अमेरिकी कमांड CENTCOM की तरफ से अभी तक इन हमलों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन उन्होंने इतना जरूर बताया है कि उनके 3,500 सैनिक इलाके में पूरी तरह मुस्तैद हैं.
इस तनाव का भारत और अन्य देशों पर क्या असर पड़ा?
| प्रभावित क्षेत्र | ताज़ा अपडेट |
|---|---|
| भारतीय जहाज | हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में भारत के 16 जहाज फंसे हुए हैं. |
| कुवैत अपडेट | ईरान ने दावा किया कि कुवैत के बुबियान द्वीप पर मौजूद अमेरिकी ठिकानों को भी निशाना बनाया गया है. |
| इसराइल की जवाबी कार्रवाई | जवाब में इसराइल ने ईरान के एक बड़े पेट्रोकेमिकल प्लांट पर हमला किया और एक जनरल को मार गिराया. |
| परमाणु केंद्र | IAEA ने कन्फर्म किया है कि ईरान के बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट के पास भी धमाके हुए हैं. |
इस पूरे मामले में आम लोगों और प्रवासियों की चिंता बढ़ गई है, खासकर उन लोगों के लिए जो खाड़ी देशों में व्यापार या काम के सिलसिले में समुद्री रास्तों का इस्तेमाल करते हैं. इसराइल और ईरान के बीच बढ़ते हमलों ने पूरे इलाके में उड़ान भरने वाली फ्लाइट्स और माल ढोने वाले जहाजों के लिए मुश्किलें पैदा कर दी हैं. आने वाले दिनों में इसका असर व्यापार और तेल की कीमतों पर भी पड़ सकता है.




