इसराइल ने ईरान के पेट्रोकेमिकल हब पर किया हमला, बिजली और पानी की सप्लाई काटी, भारी नुकसान का दावा.
सोमवार 6 अप्रैल 2026 को इसराइल ने ईरान के सबसे बड़े पेट्रोकेमिकल केंद्र, असलौयेह (Asaluyeh) पर भीषण हमला किया। इस हमले में उन कंपनियों को निशाना बनाया गया जो प्लांट को बिजली, पानी और ऑक्सीजन सप्लाई करती थीं। इसराइल के रक्षा मंत्री ने इसकी पुष्टि करते हुए इसे ईरान की अर्थव्यवस्था पर एक गहरी चोट बताया है। अब इस कॉम्प्लेक्स की ज्यादातर यूनिट्स ने काम करना बंद कर दिया है और उत्पादन ठप पड़ा है।
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इस हमले से ईरान को कितना नुकसान हुआ?
इसराइल के रक्षा मंत्री इसराइल काट्ज़ के अनुसार, असलौयेह प्लांट पर हुआ यह हमला काफी प्रभावी रहा है। यह प्लांट ईरान के पेट्रोकेमिकल एक्सपोर्ट का करीब 85% हिस्सा कवर करता है। इस हमले के बाद यह सुविधाएं अब काम करने की स्थिति में नहीं रही हैं। साउथ पार्स प्लांट पर हुए स्ट्राइक के कारण ईरान के कुल पेट्रोकेमिकल उत्पादन के आधे हिस्से पर सीधा असर पड़ा है। ईरानी मीडिया आउटलेट्स जैसे तस्नीम और मेहर न्यूज़ ने भी धमाकों और बिजली सप्लाई कटने की पुष्टि की है।
हमले से जुड़ी कुछ मुख्य बातें और ताजा हालात
| घटना का विवरण | मुख्य जानकारी |
|---|---|
| प्रमुख निशाना | असलौयेह पेट्रोकेमिकल और साउथ पार्स गैस फील्ड |
| यूएई का एक्शन | 12 बैलिस्टिक मिसाइलें और 19 ड्रोन हवा में नष्ट किए |
| कुल मौतें | विभिन्न हमलों में लगभग 34 लोगों के मारे जाने की रिपोर्ट |
| परमाणु केंद्र | बुशहर न्यूक्लियर प्लांट सुरक्षित, पास में हुए थे हमले |
| ईरान का जवाब | सीजफायर का प्रस्ताव मिला पर Strait of Hormuz पर शर्त नहीं मानी |
ईरान की सेना ने चेतावनी दी है कि अगर रिहायशी इलाकों पर हमले जारी रहे, तो वह बहुत बड़ा बदला लेंगे। वहीं दूसरी ओर, तेहरान के शरीफ यूनिवर्सिटी के पास और कोम (Qom) जैसे शहरों में भी धमाकों की खबरें मिली हैं। यूएई ने स्पष्ट किया है कि खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा के लिए समुद्री रास्तों की सुरक्षा और ईरान के मिसाइल कार्यक्रम पर बात होना जरूरी है। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने भी एक अमेरिकी जहाज को निशाना बनाने का दावा किया है।




