इजरायल ने दी ईरान को खुली चेतावनी, नया सुप्रीम लीडर चुनने वालों को भी बनाया जाएगा निशाना
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई की मौत के बाद अब उनके उत्तराधिकारी के चयन को लेकर तनाव काफी बढ़ गया है। 8 मार्च को इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने एक सख्त चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि जो भी व्यक्ति ईरान के अगले सुप्रीम लीडर को चुनने की प्रक्रिया में शामिल होगा, उसे भी निशाना बनाया जाएगा। यह धमकी सीधे तौर पर उन धर्मगुरुओं और अधिकारियों के लिए है जो नए नेता का चुनाव करने वाले हैं।
इजरायल ने अपनी चेतावनी में क्या कहा है?
इजरायल ने फारसी और अरबी भाषा में एक संदेश जारी किया है, जिसमें साफ तौर पर कहा गया है कि इजरायल का हाथ उत्तराधिकारी और उसे नियुक्त करने वाले किसी भी व्यक्ति तक पहुंचेगा। इजरायल के रक्षा मंत्री Israel Katz ने भी बयान दिया है कि जो भी उत्तराधिकारी इजरायल को मिटाने की योजना को जारी रखेगा, उसे खत्म कर दिया जाएगा, चाहे वह कहीं भी छिपा हो।
- IDF ने कहा है कि वे चयन बैठक में भाग लेने वाले सभी लोगों को चेतावनी देते हैं कि वे उन्हें भी टारगेट करने में संकोच नहीं करेंगे।
- यह धमकी Assembly of Experts के 88 सदस्यों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है, जो नए नेता का चुनाव करते हैं।
- इजरायल का कहना है कि वे इस चयन प्रक्रिया पर पूरी नजर बनाए हुए हैं।
ईरान में नए नेता के चयन में क्या दिक्कतें आ रही हैं?
ईरान की Assembly of Experts के सदस्यों ने जानकारी दी है कि नए नेता के नाम पर एक ‘बड़ी सहमति’ बन गई है, लेकिन युद्ध के हालात के कारण औपचारिक बैठक करना मुश्किल हो रहा है। धर्मगुरुओं को डर है कि अगर वे Qom या Tehran में एक साथ बैठक करते हैं, तो इजरायल उन पर हवाई हमला कर सकता है।
फिलहाल ईरान सरकार ने Mojtaba Khamenei (दिवंगत लीडर के बेटे) की नियुक्ति की खबरों का आधिकारिक तौर पर खंडन किया है। सरकार का कहना है कि अभी तक कोई औपचारिक ऐलान नहीं हुआ है और मीडिया में चल रही खबरें केवल अटकलें हैं। सुरक्षा कारणों से नए नेता के नाम की घोषणा को टाला जा रहा है।
अमेरिका और मौजूदा हालात पर अपडेट
अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने भी इस मामले में अपनी राय रखी है और Mojtaba Khamenei को एक ‘अस्वीकार्य’ विकल्प बताया है। अमेरिका चाहता है कि चयन प्रक्रिया में उसकी भी भूमिका हो, जिसे ईरान ने पूरी तरह खारिज कर दिया है।
फिलहाल ईरान का कामकाज एक अंतरिम परिषद संभाल रही है, जिसमें राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian शामिल हैं। यह परिषद देश के दैनिक कार्यों को देख रही है जब तक कि सुरक्षित तरीके से नए सुप्रीम लीडर की घोषणा नहीं हो जाती।





