Jordan News: जॉर्डन ने हवा में मार गिराईं ईरान की मिसाइलें, खाड़ी के कई देशों में बढ़ा तनाव
जॉर्डन की सेना ने जानकारी दी है कि पिछले 24 घंटों के भीतर ईरान की तरफ से देश पर मिसाइलें दागी गई हैं। जॉर्डन की एयरफोर्स ने मुस्तैदी दिखाते हुए इन सभी मिसाइलों को बीच रास्ते में ही मार गिराया है। सैन्य अधिकारियों के मुताबिक, ये मिसाइलें केवल जॉर्डन के आसमान का इस्तेमाल नहीं कर रही थीं, बल्कि इनका मकसद जॉर्डन के अंदर मौजूद जरूरी ठिकानों को निशाना बनाना था। इस घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पड़ोसी देशों के साथ सहयोग तेज कर दिया गया है।
जॉर्डन पर हुए हमले और सेना की कार्रवाई की मुख्य बातें
जॉर्डन की सेना और सरकारी अधिकारियों ने इस हमले के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की है। सेना का कहना है कि वे किसी भी देश को अपनी जमीन का इस्तेमाल युद्ध के मैदान के तौर पर नहीं करने देंगे।
- जॉर्डन की वायु सेना ने पिछले 24 घंटों में कुल 3 ईरानी मिसाइलों को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट किया है।
- ब्रिगेडियर जनरल Mustafa al-Hayyari ने साफ किया कि ये हमले सीधे तौर पर जॉर्डन की संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने के लिए किए गए थे।
- सेना की मीडिया डायरेक्टरेट के अनुसार, कुल 5 संदिग्ध हवाई टारगेट देखे गए थे जिनमें से अधिकतर को नष्ट कर दिया गया।
- जॉर्डन ने सुरक्षा के लिए अमेरिका, फ्रांस और अन्य सहयोगी देशों के साथ मिलकर एयर कवर को और मजबूत कर लिया है।
खाड़ी देशों की प्रतिक्रिया और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उठाए गए कदम
ईरान द्वारा किए गए इन हमलों का असर केवल जॉर्डन तक सीमित नहीं रहा है। कई अन्य खाड़ी देशों ने भी इस स्थिति पर कड़ी आपत्ति जताई है और अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर अपनी बात रखी है।
| देश/संस्था | महत्वपूर्ण घटनाक्रम और बयान |
|---|---|
| UNSC | प्रस्ताव संख्या 2817 पारित कर ईरानी हमलों की कड़ी निंदा की गई। |
| Ayman Safadi | जॉर्डन के विदेश मंत्री ने इन हमलों को पूरी तरह अनुचित और उकसावे वाला बताया। |
| IRGC (Iran) | ईरान की सेना ने सऊदी अरब, कुवैत और बहरीन में साइट्स को निशाना बनाने का दावा किया। |
| GCC सदस्य | सऊदी अरब, यूएई और कतर सहित 6 देशों ने जॉर्डन के साथ एकजुटता दिखाई। |
जॉर्डन के साथ-साथ सऊदी अरब, बहरीन और कुवैत जैसे देशों में रहने वाले प्रवासियों के लिए भी यह खबर चिंताजनक है। जॉर्डन के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि ईरान ने बिना किसी उकसावे के इन देशों की संप्रभुता का उल्लंघन किया है। अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देश भी इस समय जॉर्डन की सुरक्षा व्यवस्था में मदद कर रहे हैं ताकि नागरिक इलाकों को किसी भी बड़े खतरे से बचाया जा सके।




