Kuwait Court Decision: हिजबुल्लाह को पैसा भेजने वालों को मिली सजा, 3 लोगों को 10 साल की जेल और भारी जुर्माना
कुवैत की अदालत ने देश की सुरक्षा से जुड़े एक बड़े मामले में सख्त फैसला सुनाया है। हिजबुल्लाह संगठन को आर्थिक मदद पहुँचाने के आरोप में तीन लोगों को 10 साल की जेल की सजा मिली है। इन लोगों पर स्टेट सिक्योरिटी लॉ तोड़ने का आरोप था। कोर्ट ने सजा के साथ-साथ उन पर भारी जुर्माना भी लगाया है।
कोर्ट ने क्या सजा सुनाई और क्यों?
कुवैत की क्रिमिनल कोर्ट ने दो कुवैती नागरिकों और एक ऐसे व्यक्ति को दोषी पाया जिसकी नागरिकता पहले ही छीनी जा चुकी थी। इन तीनों को 10 साल की कड़ी मेहनत वाली जेल (hard labor) की सजा सुनाई गई है और इसे तुरंत लागू करने का आदेश दिया है। साथ ही, हर दोषी पर 10,000 कुवैती दीनार का जुर्माना लगाया गया है। यह कार्रवाई हिजबुल्लाह को वित्तीय सहायता देने और संगठन में शामिल होने के कारण की गई।
पैसे का लेन-देन कैसे हुआ और जाँच में क्या मिला?
जाँच के दौरान यह बात सामने आई कि दो आरोपियों ने साल 2021 से लेकर जून 2025 के बीच फंड इकट्ठा किया था। इस जमा किए गए पैसे को बाद में तीसरे व्यक्ति के ज़रिए ईरान भेजा गया। कुवैत और अन्य खाड़ी देशों में हिजबुल्लाह एक प्रतिबंधित संगठन है, इसलिए इसे पैसा देना कानूनन अपराध है। सरकार ने साफ किया है कि बाहरी संगठनों की मदद करने वालों के खिलाफ ऐसी ही सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
मामले की मुख्य जानकारी
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| सजा की अवधि | 10 साल जेल (कड़ी मेहनत के साथ) |
| जुर्माना | प्रति व्यक्ति 10,000 KD |
| फंड इकट्ठा करने का समय | 2021 से जून 2025 |
| पैसे भेजने का स्थान | ईरान (Islamic Republic of Iran) |
| मुख्य कानून | स्टेट सिक्योरिटी लॉ (State Security Law) |




