Kuwait पर ईरान और उसके गुटों ने फिर दागे ड्रोन, अहम ठिकानों को बनाया निशाना, एयर डिफेंस ने दिया जवाब
कुवैत में सुरक्षा को लेकर हालात एक बार फिर गंभीर हो गए हैं। 9 अप्रैल 2026 की शाम को कुवैत के विदेश मंत्रालय ने ईरान और उसके सहयोगियों द्वारा किए गए हमलों की कड़ी निंदा की है। कुवैत ने साफ़ कहा है कि ये हमले इलाके की शांति के लिए किए जा रहे अंतरराष्ट्रीय प्रयासों को नुकसान पहुँचा रहे हैं। कुवैत के एयर डिफेंस सिस्टम ने दुश्मन के ड्रोन्स को सफलतापूर्वक नाकाम किया है जो देश के ज़रूरी ठिकानों पर हमला करने की फिराक में थे।
कुवैत में हुए हमलों की ताज़ा जानकारी क्या है?
कुवैत के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक गुरुवार की रात को कई दुश्मन ड्रोन्स ने देश की हवाई सीमा में घुसपैठ की थी। ये ड्रोन कुवैत के महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाना चाहते थे लेकिन डिफेंस सिस्टम ने उन्हें सक्रिय होकर रोक दिया। विदेश मंत्रालय ने इस हरकत को अंतरराष्ट्रीय कानूनों और यूएन चार्टर का खुला उल्लंघन बताया है। कुवैत ने यूएन सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का हवाला देते हुए ईरान और उसके गुटों से इन हरकतों को तुरंत और बिना किसी शर्त के बंद करने की मांग की है। कुवैत अपनी संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा के लिए सभी ज़रूरी उपाय कर रहा है।
शांति प्रयासों और सुरक्षा पर क्या असर पड़ेगा?
कुवैत की सरकार ने स्पष्ट किया है कि लगातार हो रहे ये हमले उस शांति और युद्धविराम की कोशिशों को खत्म कर रहे हैं जो हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच देखी गई थीं। खाड़ी में रहने वाले प्रवासियों और स्थानीय नागरिकों के लिए यह सुरक्षा की दृष्टि से एक चिंताजनक खबर है। कुवैत ने इस मुद्दे को लेकर पहले भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी बात रखी है।
| तारीख | महत्वपूर्ण घटनाक्रम |
|---|---|
| 28 फरवरी 2026 | ईरानी हमले की पहली बार आधिकारिक निंदा की गई |
| 9 मार्च 2026 | यूएन महासचिव को हमलों की लिखित जानकारी दी गई |
| 9 अप्रैल 2026 | ताज़ा ड्रोन हमलों को कुवैती सेना ने हवा में गिराया |
- कुवैत ने यूएन चार्टर के अनुच्छेद 51 के तहत अपनी आत्मरक्षा का अधिकार सुरक्षित रखा है
- सऊदी अरब और यूएई जैसे पड़ोसी देशों ने भी क्षेत्रीय सुरक्षा पर चिंता जताई है
- ईरान के इन हमलों से खाड़ी देशों के बीच तनाव फिर से बढ़ गया है
- कुवैत की सेना अब पहले से ज़्यादा अलर्ट पर है और महत्वपूर्ण ठिकानों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है




