कुवैत में बदला वीज़ा और नौकरी का नियम, अब फ्रीलांस परमिट के लिए देने होंगे 750 से 1000 दीनार
कुवैत के उप प्रधान मंत्री और आंतरिक मंत्री शेख फहद अल-युसूफ ने स्पष्ट कर दिया है कि देश में कानून से ऊपर कोई नहीं है। अमीर शेख मिशाल अल अहमद अल जाबेर अल सबाह के निर्देशों का पालन करते हुए लेबर मार्केट में सुधार और भ्रष्टाचार को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। हाल ही में हुई एक अहम बैठक में निजी क्षेत्र के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा की गई और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई गई है।
फ्रीलांस वीज़ा और नौकरी बदलने के नियमों में बदलाव
कुवैत सरकार ने प्रवासियों के लिए एक नया ‘फ्री वर्क’ (फ्रीलांस) रेजीडेंसी परमिट लाने की तैयारी की है। अधिकारियों के अनुसार, इस नए वीज़ा की प्रक्रिया अगले दो महीनों में पूरी कर ली जाएगी। इस नई श्रेणी के तहत आवेदन करने वालों के लिए फीस 750 से 1,000 कुवैती दीनार के बीच होने की उम्मीद है।
इसके अलावा, छोटे और मध्यम उद्योगों (SME) में काम करने वाले श्रमिकों के लिए एक बड़ी राहत दी गई है। पहले इन कर्मचारियों को अपनी नौकरी या कंपनी बदलने के लिए तीन साल का इंतजार करना पड़ता था, लेकिन अब इस समय सीमा को घटाकर सिर्फ एक साल कर दिया गया है। इससे कामगारों को बेहतर अवसर तलाशने में आसानी होगी।
कानून तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई और सैलरी नियम
मंत्रालय ने साफ किया है कि श्रमिकों का वेतन समय पर देना अनिवार्य है और यह एक ‘रेड लाइन’ है। जो कंपनियां समय पर सैलरी नहीं देंगी, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी और उनकी फाइलें सस्पेंड कर दी जाएंगी। पिछले साल रेजीडेंसी और लेबर कानूनों का उल्लंघन करने पर करीब 39,000 विदेशी नागरिकों को डिपोर्ट (देश से बाहर) किया गया है।
- नियम न मानने वाली 3,000 कंपनियों के लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं।
- सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाली 9 नर्सरी को बंद किया गया है।
- एक मामले में 100 मिलियन दीनार की मनी लॉन्ड्रिंग पकड़ी गई है।
ड्राइविंग लाइसेंस और फैमिली वीज़ा पर अपडेट
ड्राइविंग लाइसेंस को लेकर भी नए निर्देश जारी किए गए हैं। अब यूनिवर्सिटी और नॉन-यूनिवर्सिटी ग्रेजुएट्स दोनों को ड्राइविंग लाइसेंस के लिए समान अवसर दिए जाएंगे। इसके साथ ही, सिंगल पेरेंट्स (अकेले माता-पिता) के लिए अपने 18 साल से कम उम्र के बच्चों को कुवैत लाने के लिए फैमिली वीज़ा फिर से खोलने पर कोई आपत्ति नहीं जताई गई है।
मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि कुवैत ने किसी भी विशिष्ट देश के नागरिकों पर प्रतिबंध नहीं लगाया है, लेकिन प्रवेश केवल आधिकारिक वर्क परमिट के माध्यम से ही होगा। सरकारी विभागों में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए अब कर्मचारियों का रोटेशन हर छह महीने में किया जाएगा।




