Kuwait News: कुवैत ने ईरान के हमलों के खिलाफ UN में दर्ज कराई शिकायत, सेना के 2 जवानों की मौत के बाद बढ़ा तनाव
कुवैत ने ईरान द्वारा किए गए हालिया हमलों के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र (UN) में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। 3 मार्च 2026 को कुवैत के विदेश मंत्रालय ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस और सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष को दो एक समान पत्र सौंपे। इन पत्रों में कुवैत ने अपनी संप्रभुता के उल्लंघन और ईरानी हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है। कुवैत ने स्पष्ट किया है कि वह अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत अपनी रक्षा करने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र है।
हमलों में हुए नुकसान और सेना की स्थिति
कुवैती अधिकारियों ने पुष्टि की है कि इन हमलों के कारण सेना के दो जवानों की जान चली गई है। इसके अलावा, अहमदी तेल रिफाइनरी पर ड्रोन और मिसाइलों का मलबा गिरने से दो कर्मचारी घायल हुए थे। कुवैत की वायु रक्षा प्रणाली को हाई अलर्ट पर रखा गया है क्योंकि पिछले कुछ दिनों में बड़े पैमाने पर ड्रोन और मिसाइल लहरों को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट किया गया है। विदेश मंत्रालय ने इन घटनाओं को क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा और आपराधिक हमला बताया है।
कुवैत सरकार द्वारा उठाए गए मुख्य कदम
- कुवैत ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 का उपयोग किया है जो देश को आत्मरक्षा का कानूनी अधिकार देता है।
- कुवैत यूनिवर्सिटी और कई अन्य शिक्षण संस्थानों में सुरक्षा के मद्देनजर ऑनलाइन पढ़ाई (Distance Learning) शुरू कर दी गई है।
- खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के देशों ने कुवैत के प्रति एकजुटता जताई है और बहरीन ने भी इस संबंध में एक साझा पत्र जमा किया है।
- संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने भी इस स्थिति को अंतरराष्ट्रीय शांति के लिए गंभीर खतरा बताते हुए युद्धविराम की अपील की है।
प्रवासियों और आम जनता के लिए जरूरी निर्देश
कुवैत में रहने वाले भारतीय प्रवासियों और अन्य नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक समाचार स्रोतों पर ही विश्वास करें। अधिकारियों ने अफवाहों से बचने और सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी साझा न करने की हिदायत दी है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए देश के प्रमुख प्रतिष्ठानों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। जो लोग कुवैत की यात्रा करने वाले हैं या वहां रह रहे हैं, उनके लिए स्थिति सामान्य होने तक सतर्क रहना जरूरी है।




