उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कड़ाके की ठंड और शीतलहर का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। गिरते तापमान और घने कोहरे ने आम जनजीवन को खासा प्रभावित किया है। इसी को ध्यान में रखते हुए और नौनिहालों को ठंड के कहर से बचाने के लिए स्थानीय प्रशासन ने स्कूलों के संचालन को लेकर एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। प्रशासन का उद्देश्य बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को सुनिश्चित करना है, ताकि बढ़ती ठिठुरन के बीच उन्हें स्कूल जाने के लिए परेशान न होना पड़े।
प्री-प्राइमरी से लेकर आठवीं कक्षा तक के बच्चों को मिली बड़ी राहत, 8 जनवरी तक स्कूलों में रहेगा पूर्ण अवकाश
शीतलहर के असर और सुबह के वक्त घने कोहरे को देखते हुए प्रशासन ने छोटे बच्चों के लिए स्कूलों को पूरी तरह से बंद रखने का फैसला किया है। प्री-प्राइमरी से लेकर कक्षा 8 तक के सभी स्कूलों में 8 जनवरी तक छुट्टी घोषित कर दी गई है। यह आदेश सभी सरकारी, गैर-सरकारी और निजी विद्यालयों पर समान रूप से लागू होगा। प्रशासन का मानना है कि सुबह के समय ठंड का प्रकोप सबसे अधिक होता है, जिससे छोटे बच्चों के बीमार पड़ने की संभावना बढ़ जाती है, इसलिए यह एहतियाती कदम उठाया गया है।
कक्षा 9 से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए बदला गया समय, अब सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक संचालित होंगी कक्षाएं
जहां एक ओर छोटे बच्चों को छुट्टी दी गई है, वहीं कक्षा 9 से 12वीं तक के विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए उनके स्कूल खुले रखने का निर्णय लिया गया है। हालांकि, उन्हें भी कड़ाके की सर्दी से राहत देने के लिए स्कूलों के समय में बड़ा बदलाव किया गया है। नए आदेश के अनुसार, अब कक्षा 9 से 12वीं तक की कक्षाएं सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक ही संचालित की जाएंगी। समय में इस बदलाव से छात्रों को सुबह के घने कोहरे और अत्यधिक गलन के बीच स्कूल जाने की मजबूरी से राहत मिलेगी।
मौसम के बदलते मिजाज पर प्रशासन की रहेगी नजर, हालात की समीक्षा के बाद जरूरत पड़ने पर जारी हो सकते हैं नए निर्देश
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह फैसला मौजूदा मौसम और ठंड के हालात को देखते हुए लिया गया है। आने वाले दिनों में मौसम के मिजाज पर लगातार नजर रखी जाएगी। यदि ठंड का प्रकोप और बढ़ता है या शीतलहर की स्थिति गंभीर होती है, तो हालात की दोबारा समीक्षा की जाएगी। छात्रों की सुरक्षा सर्वोपरि है, इसलिए मौसम के अनुकूल न होने पर भविष्य में नए निर्देश भी जारी किए जा सकते हैं। अभिभावकों और छात्रों को सलाह दी गई है कि वे मौसम और प्रशासन के निर्देशों के प्रति सजग रहें।





