खाड़ी देशों में जंग का माहौल, Strait of Hormuz से तेल और गैस की सप्लाई ठप, भारत जाने वाली फ्लाइट्स पर बड़ा असर
शनिवार, 28 फरवरी 2026 की सुबह अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ बड़ी सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके जवाब में ईरान ने भी कई जगहों पर मिसाइल हमले किए हैं। इस अचानक हुए तनाव के कारण दुनिया की कई बड़ी तेल और गैस कंपनियों ने Strait of Hormuz के रास्ते अपने जहाजों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी है। यह रास्ता दुनिया भर में तेल सप्लाई के लिए सबसे अहम माना जाता है और इसके बंद होने से बड़ा संकट खड़ा हो सकता है।
तेल के दाम बढ़ने का खतरा और मार्केट का हाल
व्यापारियों ने सुरक्षा का हवाला देते हुए तेल और गैस के कार्गो को रोक दिया है। बाजार के जानकारों का कहना है कि अगर यह रास्ता पूरी तरह ब्लॉक हो गया, तो कच्चे तेल की कीमतें 120 से 130 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं। फिलहाल Brent Crude का दाम 73 डॉलर के आसपास चल रहा है, लेकिन इसके तुरंत 80 डॉलर तक जाने की आशंका है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, कतर से गैस (LNG) ले जाने वाले करीब 11 टैंकरों ने या तो अपनी रफ्तार धीमी कर दी है या यू-टर्न ले लिया है। अगर यह सप्लाई चेन टूटती है, तो पूरी दुनिया में गैस और पेट्रोल के दामों में भारी उछाल देखने को मिल सकता है, जिसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ेगा।
समुंदर में जहाजों के लिए सख्त चेतावनी
अमेरिका की नौसेना (US Navy) ने Persian Gulf, Gulf of Oman और Strait of Hormuz के इलाकों में भारी खतरा घोषित कर दिया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि मौजूदा हालात में वे व्यापारी जहाजों की सुरक्षा की गारंटी नहीं ले सकते हैं। इस इलाके में सैटेलाइट नेविगेशन (GPS) जाम होने का भी खतरा है, जिससे जहाजों को रास्ता भटकने का डर है।
जहाजों को सलाह दी गई है कि वे किसी भी नेवल जहाज से कम से कम 30 नॉटिकल मील की दूरी बनाकर रखें। शिपिंग एसोसिएशन INTERTANKO और BIMCO ने अपने सदस्यों को अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि जहाजों पर हमले या उन्हें जब्त किए जाने का खतरा बहुत ज्यादा बढ़ गया है।
हवाई सफर और यात्रियों के लिए जरूरी अपडेट
इस जंग जैसे माहौल का असर अब हवाई यातायात पर भी दिखने लगा है। भारत और कई खाड़ी देशों (GCC) की एयरलाइन्स ने मिडिल ईस्ट के ऊपर से उड़ान भरने पर रोक लगा दी है। कई फ्लाइट्स को कैंसिल किया जा रहा है या उनका रूट बदला जा रहा है, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी हो सकती है।
बहरीन में मौजूद अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट सेंटर पर मिसाइल हमले की खबर भी आई है। सुरक्षा को देखते हुए गैर-जरूरी स्टाफ को वापस बुलाया जा रहा है। जो भारतीय या अन्य विदेशी नागरिक इस वक्त खाड़ी देशों में हैं या यात्रा करने वाले हैं, उन्हें अपनी एयरलाइन से ताजा जानकारी लेते रहने की सलाह दी गई है।




