Middle East Crisis: मलेशिया के प्रधानमंत्री की चेतावनी, गल्फ देशों को निशाना बनाने से बचने की अपील
मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के बीच मलेशिया के प्रधानमंत्री Anwar Ibrahim ने एक महत्वपूर्ण बयान जारी किया है। उन्होंने सभी पक्षों से गल्फ देशों को इस विवाद से दूर रखने और उन पर हमला न करने की सख्त चेतावनी दी है। 26 मार्च 2026 को जारी एक आधिकारिक संदेश में मलेशिया ने साफ किया कि इस क्षेत्र में तनाव बढ़ने से पूरी दुनिया की शांति और सुरक्षा पर बुरा असर पड़ेगा। कुवैत न्यूज़ एजेंसी के जरिए दी गई इस जानकारी में संयम बरतने और बातचीत शुरू करने की सलाह दी गई है।
गल्फ देशों की सुरक्षा और हालिया हमलों का क्या है अपडेट?
पिछले 24 से 48 घंटों में गल्फ क्षेत्र में तनाव काफी अधिक देखा गया है। कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने 25 मार्च को बताया कि उनके हवाई क्षेत्र में 17 बैलिस्टिक मिसाइलें और 13 ड्रोन रोके गए हैं। हमलों के कारण कुवैत के कई इलाकों में मिसाइलों के मलबे गिरने की खबरें भी आई हैं। मलेशिया के प्रधानमंत्री ने बहरीन के क्राउन प्रिंस और यूएई के राष्ट्रपति Sheikh Mohamed Zayed Al Nahyan से फोन पर बात की है। उन्होंने कहा कि किसी भी देश की संप्रभुता का उल्लंघन नहीं होना चाहिए और हमलों को तुरंत रोका जाना चाहिए ताकि आम लोगों को नुकसान न हो।
प्रवासियों और अर्थव्यवस्था पर क्या होगा असर?
- गल्फ देशों में बड़ी संख्या में भारतीय और अन्य प्रवासी रहते हैं जिनके लिए सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
- मलेशिया की नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल (MKN) ने लंबे समय तक चलने वाले संघर्ष के आर्थिक प्रभावों पर विशेष बैठक की है।
- प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया है कि मलेशिया इस विवाद में अपनी सेना नहीं भेजेगा बल्कि कूटनीतिक समाधान का समर्थन करेगा।
- गल्फ देशों की यात्रा करने वालों और वहां काम करने वाले लोगों को क्षेत्रीय हालातों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
- ईरान और अन्य देशों के बीच बढ़ते तनाव का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों और सप्लाई चेन पर पड़ सकता है जिससे आम आदमी का बजट प्रभावित होगा।




