US Iran War Update: अमेरिका ने ईरान को दी कड़ी चेतावनी, कहा हार मान लो वरना होगा अब तक का सबसे बड़ा हमला
अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा तनाव अब बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। वाशिंगटन ने ईरान को सीधी चेतावनी देते हुए कहा है कि वह अपनी हार मान ले, वरना उसे ऐसी मार झेलनी पड़ेगी जो पहले कभी नहीं देखी गई। व्हाइट हाउस की तरफ से आए इस बयान के बाद मिडिल ईस्ट में हलचल तेज हो गई है। अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि वे ईरान के सैन्य तंत्र को पूरी तरह खत्म करने के रास्ते पर हैं, जबकि ईरान ने किसी भी तरह के समझौते से फिलहाल इनकार कर दिया है।
अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और राष्ट्रपति का कड़ा रुख
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव Karoline Leavitt ने साफ किया है कि राष्ट्रपति Donald Trump किसी भी तरह के मजाक के मूड में नहीं हैं और ईरान के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए तैयार हैं। अमेरिकी सेना के CENTCOM प्रमुख Adm. Brad Cooper ने युद्ध से जुड़ी अहम जानकारियां साझा की हैं।
- अमेरिकी सेना अब तक ईरान के 10,000 से ज्यादा ठिकानों पर हमला कर चुकी है।
- ईरान के 92% बड़े जहाजों और दो-तिहाई मिसाइल बनाने वाली फैक्ट्रियों को तबाह करने का दावा किया गया है।
- अमेरिका मिडिल ईस्ट में 2,500 Marines और 82nd Airborne के 1,000 पैराट्रूपर्स को तैनात कर रहा है।
- इजरायल भी तेहरान पर लगातार हवाई हमले कर रहा है।
ईरान की मांगें और खाड़ी देशों पर इसका असर
ईरान ने अमेरिका के 15-पॉइंट वाले सीजफायर प्रस्ताव को खारिज कर दिया है और अपना नया 5-पॉइंट प्लान सामने रखा है। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा कि उनका देश किसी भी हमलावर के सामने नहीं झुकेगा। इस तनाव का सीधा असर खाड़ी देशों में रह रहे प्रवासियों और भारतीयों पर भी पड़ रहा है। ईरान ने Strait of Hormuz पर नियंत्रण कड़ा कर दिया है, जिससे समुद्री व्यापार प्रभावित हो रहा है।
| घटना | ताजा अपडेट |
|---|---|
| कुवैत एयरपोर्ट | हमले के बाद भीषण आग लगी, विमान सेवाएं प्रभावित हुई |
| पाकिस्तान की भूमिका | मध्यस्थ के तौर पर अमेरिका का संदेश ईरान तक पहुंचाया | युद्ध का हर्जाना और Strait of Hormuz पर संप्रभुता की मांग |
| UN प्रस्ताव | प्रस्ताव 2817 के तहत ईरान से हमले रोकने की मांग की गई |
आम आदमी और प्रवासियों पर क्या होगा असर
खाड़ी देशों (Gulf Countries) और भारत के बीच यात्रा करने वाले लोगों के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं। कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुई आगजनी और इजरायल-ईरान के बीच बढ़ते हवाई हमलों से उड़ानों के रास्ते बदले जा सकते हैं या उड़ानें रद्द हो सकती हैं। इसके अलावा, Strait of Hormuz में तनाव की वजह से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वैश्विक स्तर पर बढ़ोतरी की आशंका बनी हुई है। खाड़ी में रहने वाले भारतीयों को सलाह दी गई है कि वे स्थानीय दूतावास और आधिकारिक खबरों पर नजर बनाए रखें।




