बिहार में नया शराबबंदी नियम मुख्यमंत्री ने किया लागू. अब मृत्यु होने पर परिवार लिखेगा तब मिलेगा 4 लाख रुपया.
बिहार के मोतिहारी जिले में जहरीली शराब पीने की वजह से मरने वालों की संख्या 26 हो गई है वही 20 लोगों का इलाज अभी अस्पतालों में चल रहा है और उनकी स्थिति कुछ कहीं नहीं जा सकती है । इस पूरे मामले में 80 लोगों को गिरफ्तार किया गया है वही ही 11 पुलिसकर्मियों को भी कार्यवाही का सामना करना पड़ा है ।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का नया फरमान.
मीडिया से वार्तालाप करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा है कि जिन लोगों की भी मृत्यु जहरीली शराब पीने के वजह से हुई है उनके परिवार को लिखित में देना होगा कि वह शराब बंदी के पक्ष में है और वह लोग शराब पीने के खिलाफ में है तब जाकर सरकार उनकी मदद करेगी. मदद के तौर पर बिहार सरकार यह सारे शर्त मानने वाले परिवार जनों को ₹400000 मुहैया कराएगी जो कि मुख्यमंत्री राहत कोष से दिया जाएगा.
जिन लोगों की मृत्यु जहरीले शराब से हुई है और उनके परिवार हमें लिखित में देंगे कि वे राज्य में शराबबंदी के पक्ष में हैं और वे शराब पीने के खिलाफ हैं तो हम उनकी मदद करेंगे। उन्हें हम मुख्यमंत्री राहत कोष से 4 लाख रुपए देंगे। 2016 के बाद जहरीली शराब पीने से मरने वालों के परिजन हमें… pic.twitter.com/LPvrfQFegJ
— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 17, 2023
सोशल मीडिया पर इस को लेकर कई प्रकार की टिप्पणियां शुरू हो गई हैं.
कुछ लोगों का कहना है कि शराबबंदी करने के साथ-साथ शराब तस्करी को रोकना भी सरकार का काम है जिसमें सरकार खुद विफल रही है और उसके बाद इस तरीके के आदेश समझ से बाहर है.
एक टि्वटर यूजर ने इसी बाबत लिखा है कि यह सरकार की विफलता है और इसे जिम्मेदारी पूर्वक सरकार को स्वीकार करना चाहिए कंपनसेशन इसके बाद का पक्ष है.
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