अब विदेशी भी सऊदी में खरीद सकेंगे जमीन और मकान, सरकार ने पास किया ऐतिहासिक कानून, जानिए शर्तें और नियम
सऊदी अरब ने एक नया कानून जारी किया है जो अब विदेशियों को वहां ज़मीन और मकान खरीदने की इजाज़त देता है। पहले यह बहुत सीमित था, लेकिन अब नियमों में बड़ा बदलाव हुआ है। यह कानून कुछ दिन पहले सरकार ने मंज़ूर किया था और अब सरकारी गजट में छप चुका है। यह नियम 180 दिन यानी लगभग 6 महीने बाद लागू होगा।
अब विदेशी भी खरीद सकेंगे प्रॉपर्टी
इस कानून के मुताबिक, अब कोई भी विदेशी व्यक्ति, कंपनी या संस्था सऊदी अरब के तय किए गए कुछ इलाकों में ज़मीन या मकान खरीद सकती है। वे मकान या ज़मीन खुद के लिए खरीद सकते हैं, किराए पर दे सकते हैं या इस्तेमाल कर सकते हैं। लेकिन हर जगह ऐसा नहीं होगा कुछ खास जगहों पर ही यह अनुमति होगी, और सरकार तय करेगी कि कहां-कहां यह मंजूर है।
मक्का और मदीना में अब भी रोक
इस कानून में मक्का और मदीना जैसे पवित्र शहरों में विदेशी लोगों को ज़मीन खरीदने की मनाही अब भी है। हां, कुछ मामलों में मुस्लिम विदेशी नागरिकों को शर्तों के साथ वहां मकान लेने की अनुमति हो सकती है। पहले खाड़ी देशों (GCC) के लोगों को भी नहीं लेने दिया जाता था, अब उन्हें भी मंजूरी मिल सकती है।
सरकार तय करेगी कहां खरीद सकते हैं
सरकार तय करेगी कि कौन से इलाके में विदेशी लोग मकान या ज़मीन ले सकते हैं। वो यह भी बताएगी कि कोई विदेशी कितना हिस्सा खरीद सकता है और कितने साल तक इस्तेमाल (लीज या किराए) की इजाज़त होगी।
अगर कोई विदेशी व्यक्ति सऊदी अरब में क़ानूनी तरीके से रह रहा है, तो वो एक मकान अपने लिए खरीद सकता है, लेकिन वो मक्का या मदीना में नहीं हो सकता।
कंपनियों के लिए क्या नियम?
विदेशी लोगों वाली कंपनियां, निवेश फंड और स्पेशल कंपनियां (SPE)। अगर उनका मकसद बिजनेस या कर्मचारियों के लिए मकान देना है, तो वो भी ज़मीन खरीद सकती हैं – यहां तक कि मक्का और मदीना में भी। लेकिन उन्हें सऊदी शेयर बाजार के नियमों का पालन करना होगा।
रजिस्ट्रेशन ज़रूरी है
कोई भी विदेशी अगर मकान या ज़मीन खरीदेगा तो उसे पहले सरकार के पास रजिस्टर कराना ज़रूरी होगा। जब तक रजिस्ट्रेशन नहीं होगा, तब तक मालिकाना हक मान्य नहीं माना जाएगा। खरीदने या बेचने पर 5% तक फीस भी लगेगी।
गलती करने पर सज़ा
अगर किसी ने गलत जानकारी देकर ज़मीन खरीदी, तो उस पर 1 करोड़ सऊदी रियाल (लगभग ₹22 करोड़) तक जुर्माना लग सकता है। साथ ही, सरकार वो ज़मीन ज़ब्त कर सकती है। इन मामलों की जांच एक विशेष कमेटी करेगी और फैसला सुनाएगी।
अगर किसी को फैसला गलत लगे तो वो 60 दिन के अंदर अदालत में अपील कर सकता है।
पुराना कानून अब खत्म
सऊदी में जो पुराना 2000 वाला कानून था, वो अब रद्द कर दिया गया है। नए कानून के नियम और पूरी जानकारी सरकार अगले 6 महीने में जारी करेगी।





