पाकिस्तान सरकार ने देश के सभी एयरपोर्ट और बॉर्डर पर सख्ती बढ़ा दी है। भारत के पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के मामले सामने आने के बाद यह बड़ा कदम उठाया गया है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (NIH) ने तुरंत प्रभाव से एडवाइजरी जारी करते हुए कहा है कि बाहर से आने वाले हर यात्री की गहन जांच की जाएगी। यह नियम 28 जनवरी 2026 से लागू हो गया है और इसका पालन सख्ती से करने का आदेश दिया गया है।
एयरपोर्ट पर यात्रियों की जांच कैसे होगी?
बॉर्डर हेल्थ सर्विसेज ने एयरपोर्ट, बंदरगाह और जमीनी रास्तों पर मेडिकल टीमों को तैनात कर दिया है। अब पाकिस्तान में प्रवेश करने वाले हर यात्री को 100% स्क्रीनिंग से गुजरना होगा। इसमें थर्मल स्कैनर से बुखार की जांच की जाएगी।
यात्रियों को अपने पिछले 21 दिनों की यात्रा का पूरा ब्यौरा देना होगा। अगर कोई यात्री जानकारी छिपाता है, तो उस पर कार्रवाई की जा सकती है। जिन यात्रियों में बुखार, सिरदर्द या सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण मिलेंगे, उन्हें तुरंत अलग करके अस्पताल भेजा जाएगा।
किन लोगों पर रहेगी खास नजर?
सरकार ने साफ किया है कि यह नियम सभी के लिए है, चाहे वह आम यात्री हो या एयरलाइन का क्रू मेंबर। विशेष रूप से उन लोगों पर कड़ी नजर रखी जा रही है जो भारत के पश्चिम बंगाल या अन्य प्रभावित इलाकों से होकर आ रहे हैं।
- ट्रैवल हिस्ट्री: पिछले 21 दिनों में कहां-कहां गए, यह बताना जरूरी है।
- फ्री जांच: एयरपोर्ट पर होने वाली इस स्वास्थ्य जांच के लिए कोई पैसा नहीं लगेगा।
- प्रवासी पाकिस्तानी: विदेश से लौटने वाले कामगारों और प्रवासियों को भी इस प्रक्रिया से गुजरना होगा।
- हेल्थ क्लीयरेंस: बिना जांच और क्लीयरेंस के किसी को भी बाहर निकलने की अनुमति नहीं मिलेगी।




