कतर ने ईरान से मांगा भारी हर्जाना, गैस प्लांट पर हमलों से हुआ अरबों का नुकसान, UN में उठाई मांग
कतर ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में ईरान के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए हर्जाने की मांग की है। कतर सरकार का कहना है कि ईरान की सैन्य कार्रवाइयों की वजह से उसे भारी आर्थिक और भौतिक नुकसान हुआ है जिसकी पूरी भरपाई ईरान को करनी होगी। कतर ने साफ किया है कि ये हमले उसकी राष्ट्रीय संप्रभुता का सीधा उल्लंघन हैं और इसके लिए वह अपनी सुरक्षा के अधिकार का इस्तेमाल करेगा।
कतर को ईरान के हमलों से कितना नुकसान हुआ है?
कतर की ओर से संयुक्त राष्ट्र में पेश की गई जानकारी के अनुसार ईरान के हमलों से उसके गैस प्लांट और ऊर्जा सुविधाओं को गहरा नुकसान पहुंचा है। इन हमलों की वजह से कतर की अर्थव्यवस्था और गैस सप्लाई पर काफी असर पड़ा है। नुकसान का विवरण नीचे दी गई टेबल में देखा जा सकता है:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कुल अनुमानित नुकसान | 20 बिलियन डॉलर |
| गैस उत्पादन पर असर | LNG सप्लाई पर फोर्स मेजर घोषित |
| मिसाइलों की संख्या | 101 बैलिस्टिक मिसाइलें मॉनिटर की गईं |
| ड्रोन हमले | 39 ड्रोन की पहचान की गई |
| मरम्मत का समय | लगभग 5 साल का अनुमान |
| सालाना राजस्व हानि | 20 बिलियन डॉलर की संभावित कमी |
संयुक्त राष्ट्र में कतर ने क्या दलीलें दी हैं?
कतर के प्रतिनिधियों ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव और सुरक्षा परिषद को भेजी गई सूचना में अपनी चिंताओं को विस्तार से बताया है। कतर का कहना है कि यह मामला केवल उसकी सीमा तक सीमित नहीं है बल्कि पूरे खाड़ी क्षेत्र की स्थिरता से जुड़ा है।
- कतर ने अनुच्छेद 51 के तहत अपनी सुरक्षा के लिए जवाबी कार्रवाई का अधिकार सुरक्षित रखा है।
- कतर की वायु सेना ने 101 में से 98 बैलिस्टिक मिसाइलों को सफलतापूर्वक मार गिराया था।
- सऊदी अरब, बहरीन और कुवैत जैसे देशों ने भी इस संबंध में प्रस्तावों का समर्थन किया है।
- ईरान ने भी जवाबी आरोप लगाते हुए कतर से हर्जाने की मांग के लिए पत्र लिखा है।
- कतर एनर्जी ने रास लफ़ान इंडस्ट्रियल सिटी में हुए नुकसान की पुष्टि की है।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद इस समय होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास जहाजों की सुरक्षा के लिए एक प्रस्ताव पर विचार कर रही है। कतर ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपनी संपत्तियों को हुए नुकसान का पूरा लेखा-जोखा तैयार कर रहा है और इसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपडेट किया जाएगा।




