UAE पर हवाई हमले की कोशिश नाकाम, सेना ने अब तक 476 मिसाइल और 2038 ड्रोन मार गिराए, स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई जारी
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की सेना ने देश की सुरक्षा को लेकर बड़ा अपडेट जारी किया है। अप्रैल 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, UAE के एयर डिफेंस सिस्टम ने भारी संख्या में विदेशी मिसाइल और ड्रोन हमलों को हवा में ही नष्ट कर दिया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश की सीमाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं और किसी भी खतरे से निपटने के लिए सेना तैयार है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बच्चों के लिए स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई की अवधि भी बढ़ा दी गई है ताकि आम जनता और छात्रों को किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
UAE में सुरक्षा को लेकर क्या हैं ताजा आंकड़े?
UAE Ministry of Defence और आधिकारिक रिपोर्टों के अनुसार, सेना ने अब तक कुल 476 मिसाइलों को सफलतापूर्वक मार गिराया है। इसमें बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलें दोनों शामिल हैं। ड्रोन हमलों को रोकने में भी बड़ी कामयाबी मिली है और अब तक 2038 से ज्यादा ड्रोन नष्ट किए जा चुके हैं। हाल ही में बुधवार और गुरुवार के बीच भी सेना ने 5 बैलिस्टिक मिसाइलों और 35 ड्रोनों को इंटरसेप्ट किया है। अबू धाबी के Khalifa Economic Zones (KEZAD) इलाके के पास भी एक मिसाइल को हवा में ही रोक दिया गया, जिससे केवल मामूली नुकसान हुआ और कोई हताहत नहीं हुआ है।
आम जनता और प्रवासियों के लिए जरूरी जानकारी
सुरक्षा कारणों से सरकार ने कई एहतियाती कदम उठाए हैं जिनका असर आम लोगों के दैनिक जीवन पर पड़ेगा। भारतीय और अन्य प्रवासी समुदाय के लिए यह जानकारी महत्वपूर्ण है कि फ्लाइट्स के रूट बदले जा सकते हैं, जिससे यात्रा में देरी संभव है। Ministry of Education ने स्कूलों और नर्सरी के लिए रिमोट लर्निंग यानी घर से पढ़ाई की तारीख 17 अप्रैल तक बढ़ा दी है।
| विवरण | कुल संख्या / तिथि |
|---|---|
| कुल नष्ट की गई मिसाइलें | 476 |
| कुल नष्ट किए गए ड्रोन | 2038 |
| ताजा इंटरसेप्टेड मिसाइलें | 05 |
| ताजा इंटरसेप्टेड ड्रोन | 35 |
| स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई | 17 अप्रैल तक |
| प्रभावित क्षेत्र | Abu Dhabi और हवाई मार्ग |
UAE के अधिकारियों ने कहा है कि उनका मुख्य ध्यान देश की सुरक्षा और Strait of Hormuz के जरिए होने वाले व्यापार को सुरक्षित रखना है। United Nations Security Council में भी इस मुद्दे पर चर्चा होने की संभावना है। सरकार ने सभी नागरिकों और प्रवासियों से आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करने की अपील की है।




