कतर का ईरान के दावों पर कड़ा पलटवार, कहा अमेरिकी बेस को निशाना बनाना बर्दाश्त नहीं
खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी ने ईरान के दावों को पूरी तरह खारिज किया है। कतर ने साफ शब्दों में कहा है कि पड़ोसी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने के ईरान के दावे गलत और अनुचित हैं। तुर्की के विदेश मंत्री हकान फिदान के साथ हुई बातचीत में कतर ने इस जारी युद्ध को तुरंत रोकने की मांग की है।
कतर और ईरान के बीच तनाव बढ़ने की मुख्य वजह क्या है?
ईरान ने 18 मार्च 2026 को कतर के Ras Laffan Industrial City पर पांच बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं जिससे काफी नुकसान हुआ। इस हमले के तुरंत बाद कतर ने कड़ा रुख अपनाते हुए ईरानी दूतावास के सुरक्षा और मिलिट्री अधिकारियों को देश छोड़ने का आदेश दिया है। कतर सरकार ने इन सभी ईरानी कर्मचारियों को 24 घंटे के भीतर कतर से जाने को कहा है। कतर ने इस मामले में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को नौवीं बार पत्र लिखकर ईरानी हमलों की शिकायत की है।
क्षेत्रीय स्थिति और अन्य देशों की इस पर क्या प्रतिक्रिया है?
तुर्की के विदेश मंत्री ने भी कतर का समर्थन करते हुए कहा कि ईरान की यह कार्रवाई क्षेत्रीय शांति को खतरे में डाल रही है। वहीं अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने फिर से कतर पर हमला किया तो वह ईरान के South Pars Gas Field को पूरी तरह तबाह कर देंगे। इस तनाव के बीच यूएई और सऊदी अरब की गैस सुविधाओं पर भी हमले हुए हैं जिसकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निंदा की जा रही है।
| दिनांक (2026) | प्रमुख अपडेट |
|---|---|
| 18 मार्च | ईरान ने कतर पर पांच मिसाइलें दागीं |
| 18 मार्च | ईरानी अधिकारियों को देश छोड़ने का आदेश |
| 19 मार्च | कतर और तुर्की की साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस |
| 19 मार्च | संयुक्त राष्ट्र को नौवीं बार शिकायत भेजी गई |
| 19 मार्च | डोनाल्ड ट्रंप ने हमले की चेतावनी दी |
| 19 मार्च | समुद्र में एक और जहाज पर हमला हुआ |




