Qatar Missile Attack: कतर में मिसाइल हमले के बाद ईरान का बयान, कहा- हमने आम नागरिकों को निशाना नहीं बनाया
कतर की राजधानी दोहा में 18 मार्च 2026 को मिसाइल हमले के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव की स्थिति है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची (Abbas Araghchi) ने इस मामले पर बयान देते हुए कहा है कि यह युद्ध इस्राइल और अमेरिका के हितों के लिए लड़ा जा रहा है। उन्होंने खाड़ी देशों में आम नागरिकों को निशाना बनाने की बात से साफ इनकार किया है, हालांकि कतर सरकार ने ईरान के इस दावे को पूरी तरह से खारिज कर दिया है।
कतर में मिसाइल हमला और ईरान की सफाई
बुधवार को दोहा में एक मिसाइल को हवा में ही मार गिराया गया, जिसके बाद कतर के रक्षा मंत्रालय ने इस घटना की पुष्टि की। ईरान के विदेश मंत्री ने अपनी सफाई में कहा कि ईरान का लक्ष्य खाड़ी के पड़ोसी देशों में मौजूद केवल अमेरिकी सैन्य ठिकाने हैं और वे आम नागरिकों पर हमले नहीं कर रहे हैं। ईरान ने आरोप लगाया है कि अमेरिका ने ‘Lucas’ नाम का एक खास ड्रोन बनाया है, जिसका इस्तेमाल अरब देशों पर हमले करके ईरान के साथ उनके रिश्ते खराब करने के लिए किया जा रहा है।
वहीं दूसरी तरफ, कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल-अंसारी (Majed Al-Ansari) ने ईरान के इस दावे को सिरे से नकार दिया है। कतर सरकार ने स्पष्ट किया है कि ईरान के हमलों से कतर के रिहायशी और आम नागरिक इलाकों को नुकसान पहुंचा है। कतर ने सख्त लहजे में ईरान से तुरंत इन हमलों को रोकने की मांग की है और कहा है कि इसके लिए किसी जांच कमेटी की जरूरत नहीं है बल्कि आक्रामकता को तुरंत रोकना जरूरी है।
युद्धविराम और Strait of Hormuz को लेकर नया नियम
ईरान ने किसी भी साधारण युद्धविराम (Ceasefire) को मानने से स्पष्ट इनकार कर दिया है। ईरान का कहना है कि जब तक लेबनान, यमन, इराक और ईरान सहित सभी मोर्चों पर स्थायी शांति नहीं आती और नुकसान की भरपाई नहीं होती, तब तक युद्ध खत्म नहीं माना जाएगा। ईरान ने माना कि उनके सुप्रीम लीडर, वरिष्ठ अधिकारी अली लारीजानी (Ali Larijani) और कमांडर गुलामरेज़ा सुलेमानी की मौत हुई है, लेकिन उन्होंने दावा किया कि देश का राजनीतिक सिस्टम अभी भी पूरी तरह से काम कर रहा है।
अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए अहम समुद्री रास्ते Strait of Hormuz पर ईरान ने साफ किया है कि यह मार्ग बाकी दुनिया के लिए खुला रहेगा। लेकिन अमेरिका और इस्राइल से जुड़े किसी भी जहाज को वहां से गुजरने की अनुमति बिल्कुल नहीं दी जाएगी। ईरान युद्ध के बाद इस रास्ते के लिए नए नियम लागू करने पर विचार कर रहा है। बातचीत के लिए ईरान ने चीन को मध्यस्थ बनाने का विकल्प खुला रखा है, लेकिन पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर शांति का माहौल बिगाड़ने का आरोप लगाया है।




