IDFC First Bank में 590 करोड़ का फ्रॉड, RBI गवर्नर ने दिया बड़ा बयान, हरियाणा सरकार ने लिया एक्शन
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने सोमवार, 23 फरवरी 2026 को IDFC First Bank में हुई 590 करोड़ रुपये की बड़ी धोखाधड़ी पर स्थिति साफ की है। गवर्नर ने स्पष्ट किया कि यह घटना एक अलग मामला है और इससे भारत के बैंकिंग सिस्टम पर कोई बड़ा खतरा नहीं है। हालांकि, इस खबर के बाद शेयर बाजार में बैंक के स्टॉक्स में 20% तक की भारी गिरावट दर्ज की गई और निवेशकों को बड़ा नुकसान हुआ है। हरियाणा सरकार ने भी इस मामले में सख्त कदम उठाते हुए बैंक को अपने कामकाज से अलग कर दिया है।
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हरियाणा सरकार के खातों में कैसे हुई गड़बड़ी?
यह पूरा मामला 18 फरवरी 2026 को सामने आया, जब हरियाणा सरकार के एक विभाग ने अपना खाता बंद करने और बची हुई राशि को ट्रांसफर करने का अनुरोध किया। इस दौरान बैंक के रिकॉर्ड और असल बैलेंस में भारी अंतर पाया गया। शुरुआती जांच में पता चला कि चंडीगढ़ ब्रांच में जाली चेक और फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करके पैसे निकाले गए थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए हरियाणा सरकार के वित्त विभाग ने IDFC First Bank को तुरंत प्रभाव से ‘डी-इम्पैनल’ (सूची से बाहर) कर दिया है। सरकार ने अपने सभी विभागों, बोर्डों और निगमों को आदेश दिया है कि वे इस बैंक में अपने मौजूदा खाते बंद करें और सरकारी पैसा सुरक्षित स्थानों पर ट्रांसफर करें।
RBI और बैंक प्रबंधन ने सुरक्षा पर क्या कहा?
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने लोगों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि वे घटना पर नजर बनाए हुए हैं, लेकिन यह कोई ‘सिस्टमैटिक इश्यू’ (प्रणालीगत समस्या) नहीं है। इसका मतलब है कि आम लोगों को पूरे बैंकिंग सेक्टर को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। वहीं, बैंक के CEO वी. वैद्यनाथन ने इसे बैंक के कुछ कर्मचारियों और बाहरी लोगों की मिलीभगत बताया है।
बैंक ने नुकसान की भरपाई और जांच के लिए कई कदम उठाए हैं:
- सस्पेंशन: बैंक ने तुरंत प्रभाव से चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया है।
- जांच एजेंसी: मामले की फोरेंसिक जांच के लिए KPMG को नियुक्त किया गया है, जिसकी रिपोर्ट 4-5 हफ्तों में आएगी।
- रिकवरी: बैंक ने 35 करोड़ रुपये के इंश्योरेंस क्लेम की प्रक्रिया शुरू कर दी है और पुलिस व एंटी-करप्शन ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराई है।
नीचे दी गई तालिका में इस घटना के मुख्य बिंदु देखे जा सकते हैं:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| धोखाधड़ी की राशि | 590 करोड़ रुपये |
| शेयर बाजार में गिरावट | 20% (लोअर सर्किट) |
| प्रभावित मुख्य ग्राहक | हरियाणा सरकार |
| जांच की स्थिति | KPMG द्वारा ऑडिट शुरू |




