Reliance Capital Overtake by Hinduja IndusInd. रिजर्व बैंक ने अनिल अंबानी की वित्तीय समस्याओं में फंसी कंपनी रिलायंस कैपिटल के लिए एक महत्वपूर्ण समाधान योजना को मंजूरी प्रदान की है। इस कदम से हिंदुजा समूह की कंपनी इंडसइंड इंटरनेशनल होल्डिंग्स लिमिटेड (IIHL) को रिलायंस कैपिटल का अधिग्रहण करने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।

शेयर बाजार में रिलायंस कैपिटल की स्थिति

हालांकि, इसी दौरान रिलायंस कैपिटल के शेयरों की ट्रेडिंग बीएसई इंडेक्स पर प्रतिबंधित हो गई, जिससे निवेशकों में चिंता का वातावरण बना है।

कंपनी का बयान और रिजर्व बैंक की भूमिका

रिलायंस कैपिटल ने बताया कि उन्हें रिजर्व बैंक से “अनापत्ति” प्राप्त हुई है, जो अप्रैल में संपन्न हुई नीलामी के दूसरे दौर में IIHL द्वारा दी गई 9,650 करोड़ रुपये की सबसे ऊंची बोली के बाद आई है।

बोर्ड भंग और CIRP प्रक्रिया

रिजर्व बैंक ने 2021 में भुगतान चूक और गंभीर शासन संबंधी मुद्दों के चलते रिलायंस कैपिटल के बोर्ड को भंग कर दिया था। इसके बाद, कंपनी की कॉर्पोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया (CIRP) के लिए नागेश्वर राव वाई को प्रशासक के रूप में नियुक्त किया गया।

एनबीएफसी क्षेत्र में रिलायंस कैपिटल का स्थान

रिलायंस कैपिटल उन तीन बड़ी गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों में से एक है, जिसके खिलाफ केंद्रीय बैंक ने दिवालियापन की कार्यवाही शुरू की थी। इसमें श्रेई ग्रुप एनबीएफसी और दीवान हाउसिंग फाइनेंस कॉर्पोरेशन भी शामिल हैं।


महत्वपूर्ण जानकारी: 📊

  • संस्था: रिलायंस कैपिटल
  • अधिग्रहणकर्ता: हिंदुजा समूह की IIHL
  • बोली राशि: ₹9,650 करोड़
  • समाधान योजना मंजूरी: रिजर्व बैंक द्वारा
  • CIRP प्रक्रिया: नवंबर 2021 में शुरू
  • ट्रेडिंग स्थिति: बीएसई पर प्रतिबंधित