रूस ने गुरुवार को ऐलान किया है कि अगर तेहरान और वाशिंगटन के बीच तनाव बढ़ता है तो वह ईरान के बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट से अपने कर्मचारियों को निकालने के लिए तैयार है। रूस की सरकारी न्यूक्लियर कंपनी Rosatom के प्रमुख Alexei Likhachev ने बताया कि उनका देश हालात पर नजर रखे हुए है। सुरक्षा को देखते हुए विदेश और रक्षा मंत्रालयों के साथ मिलकर योजना बनाई जा रही है ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत कदम उठाया जा सके।
क्या है रूस की तैयारी और चिंता?
Rosatom के प्रमुख ने स्टेट न्यूज एजेंसी TASS को बताया कि बुशहर साइट पर अभी करीब 400 रूसी तकनीकी विशेषज्ञ और उनके परिवार मौजूद हैं। हालात बिगड़ने पर उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए इंतजाम किए जा रहे हैं, हालांकि अभी तक वापसी का कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। रूस ने चेतावनी दी है कि इस प्लांट पर किसी भी तरह का हमला एक बड़ी तबाही ला सकता है, जो 1986 की चेर्नोबिल जैसी दुर्घटना के बराबर हो सकती है। फिलहाल प्लांट में काम तय योजना के अनुसार चल रहा है।
अमेरिका और ईरान के बीच क्यों बढ़ा तनाव?
अमेरिका और ईरान के बीच जुबानी जंग पिछले कुछ समय में काफी तेज हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने चेतावनी दी है कि ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम पर नए समझौते के लिए समय कम बचा है और उन्होंने कड़े परिणाम भुगतने की धमकी दी है। इसके जवाब में ईरानी अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि वे किसी भी धमकी के दबाव में आकर बातचीत नहीं करेंगे। इसी तनाव को देखते हुए रूस ने अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए पहले से तैयारी शुरू कर दी है।
- Rosatom: रूस की सरकारी कंपनी जो बुशहर प्लांट को सपोर्ट करती है।
- Islamic Republic of Iran: बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट को चलाने वाला देश।
- United States Government: ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम पर दबाव बनाने वाला देश।
- Russian Ministries: बचाव अभियान की तैयारी करने वाले विभाग।




