Saudi Arabia में अवैध निवासियों पर बड़ी कार्रवाई, एक हफ्ते में 19975 लोग गिरफ्तार
सऊदी अरब में सुरक्षा अधिकारियों ने अवैध रूप से रह रहे लोगों के खिलाफ एक बहुत बड़ा अभियान चलाया है। पिछले एक हफ्ते के अंदर देशभर से करीब 19,975 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई 22 जनवरी से 28 जनवरी 2026 के बीच की गई है। पकड़े गए लोगों में रेसीडेंसी, बॉर्डर सिक्योरिटी और लेबर लॉ का उल्लंघन करने वाले शामिल हैं। सरकार ने साफ कर दिया है कि बिना वैध कागजात के रहने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है।
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किन नियमों के तहत हुई कितनी गिरफ्तारियां?
सऊदी प्रेस एजेंसी (SPA) और आंतरिक मंत्रालय (MoI) द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, सबसे ज्यादा गिरफ्तारियां रेसीडेंसी (इकाम) नियमों के उल्लंघन को लेकर हुई हैं। इसके अलावा बॉर्डर पार करने की कोशिश और लेबर कानून तोड़ने वालों को भी पकड़ा गया है। गिरफ्तार किए गए लोगों का विवरण नीचे दिया गया है:
| उल्लंघन का प्रकार | गिरफ्तार लोगों की संख्या |
|---|---|
| रेसीडेंसी कानून (Iqama) | 12,906 |
| बॉर्डर सुरक्षा कानून | 3,918 |
| लेबर कानून | 3,151 |
अधिकारियों ने बताया है कि 14,867 लोगों को उनके देश वापस भेज दिया गया है (Deported)। वहीं, 23 हजार से ज्यादा लोग अभी भी कानूनी प्रक्रिया से गुजर रहे हैं, जिनमें 21 हजार से ज्यादा पुरुष और 1600 से ज्यादा महिलाएं शामिल हैं।
मदद करने वालों को 15 साल की जेल
मंत्रालय ने सख्त चेतावनी दी है कि जो कोई भी अवैध निवासियों को रहने की जगह, ट्रांसपोर्ट या किसी भी तरह की मदद देगा, उस पर भारी जुर्माना लगेगा। ऐसे लोगों को 15 साल तक की जेल और 10 लाख रियाल (करीब 2 करोड़ रुपये) तक का जुर्माना देना पड़ सकता है। सिर्फ इतना ही नहीं, इस गैरकानूनी काम में इस्तेमाल की गई गाड़ी या प्रॉपर्टी को भी सरकार जब्त कर सकती है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे 911 या 999 पर कॉल करके ऐसी गतिविधियों की सूचना दें।
इकामा फीस को लेकर बड़ी खबर
इस कार्रवाई के बीच 31 जनवरी 2026 को एक राहत भरी खबर भी आई है। सऊदी काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स ने ऐलान किया है कि लाइसेंस प्राप्त इंडस्ट्रियल एस्टेब्लिशमेंट (औद्योगिक इकाइयों) में काम करने वाले प्रवासी मजदूरों के लिए इकामा फीस खत्म कर दी गई है। इसका मकसद मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ावा देना है। आम तौर पर इकामा रिन्यूअल के लिए कर्मचारियों को सालाना 650 रियाल देने होते हैं, लेकिन अब औद्योगिक क्षेत्र में यह बोझ कम हो जाएगा।





