सऊदी अरब ने 300 से ज्यादा इराकी नागरिकों को सुरक्षित निकाला, दिल्ली और काहिरा से चल रहा रेस्क्यू ऑपरेशन
सऊदी अरब ने मध्य पूर्व में चल रहे क्षेत्रीय तनाव और हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण फंसे 300 से अधिक इराकी नागरिकों को सुरक्षित उनके देश भेजने का काम शुरू किया है। इस निकासी अभियान के तहत मिस्र के काहिरा और भारत के दिल्ली से नागरिकों को सऊदी अरब लाया जा रहा है। सऊदी अधिकारियों ने मदद के लिए अरार डोमेस्टिक एयरपोर्ट (Arar Domestic Airport) को ट्रांजिट हब बनाया है, जहां से लोगों को सड़क के रास्ते इराक भेजा जा रहा है।
यह रेस्क्यू ऑपरेशन कैसे काम कर रहा है
इराक का हवाई क्षेत्र नागरिक उड़ानों के लिए बंद होने के कारण सऊदी अरब ने एक विशेष एयर ब्रिज स्थापित किया है। आधिकारिक योजना के तहत कुल 964 नागरिकों को सुरक्षित वापस भेजा जाना है। इसमें दिल्ली से 657 और काहिरा से 307 लोग शामिल हैं। अरार एयरपोर्ट पहुंचने के बाद इन नागरिकों को 36 विशेष बसों में बैठाकर अरार बॉर्डर क्रॉसिंग (Arar Border Crossing) के रास्ते सीधे इराक की सीमा में प्रवेश कराया जा रहा है।
सऊदी अरब और इराक सरकार की विशेष तैयारी
इस मानवीय मिशन को पूरा करने के लिए सऊदी अरब सरकार ने खास ट्रांजिट सुविधा और वीजा नियमों में छूट दी है जिससे लोगों को कोई परेशानी न हो। इराक के परिवहन मंत्रालय और रियाद में मौजूद इराकी दूतावास लगातार सऊदी सुरक्षा अधिकारियों के साथ तालमेल बिठा रहे हैं। Iraqi Airways इन विशेष उड़ानों को संचालित कर रहा है और उम्मीद है कि यह निकासी प्रक्रिया 18 मार्च 2026 तक पूरी कर ली जाएगी।




