Saudi Arabia New Law: सऊदी अरब का नया फरमान, प्रवासियों को नौकरी से पहले देना होगा टेस्ट
सऊदी अरब सरकार ने बाहर से आने वाले कामगारों के लिए कड़े नियम लागू कर दिए हैं. अब सऊदी का वर्क वीजा पाने के लिए लोगों को अपनी योग्यता साबित करनी होगी. इसके लिए बाकायदा एक टेस्ट देना होगा जिसे पास करने के बाद ही नौकरी और वीजा की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी. सरकार का मकसद है कि देश में केवल कुशल कारीगर ही आएं.
एक और जरूरी खबर: Share Market Update: बजट से पहले Nifty हुआ धड़ाम, 139 अंक गिरकर 25,200 के पास पहुंचा।
क्या है यह नया नियम और कब से हुआ लागू?
सऊदी मानव संसाधन मंत्रालय ने ‘स्किल वेरिफिकेशन प्रोग्राम’ शुरू किया है. इसके तहत कामगारों को यह साबित करना होगा कि जिस काम के लिए वे आ रहे हैं, वह उन्हें अच्छे से आता है.
- कामगारों को वर्क वीजा मिलने से पहले लिखित और प्रैक्टिकल परीक्षा से गुजरना होगा.
- भारतीय कामगारों के लिए यह नियम 14 जनवरी, 2025 से प्रभावी हो गया है.
- वीजा अब तीन स्तरों (निम्न, मध्यम और उच्च) पर जारी किए जाएंगे.
- घरेलू कामगार जो सऊदी से बाहर हैं, वे अब अपना इकामा रिन्यू करा सकते हैं.
किन लोगों पर होगा असर और कितना है खर्चा?
शुरुआत में यह नियम भारतीय, पाकिस्तानी और बांग्लादेशी नागरिकों के लिए था, लेकिन अब इसमें अन्य देशों को भी जोड़ा जा रहा है. यह नियम मुख्य रूप से 23 तकनीकी क्षेत्रों को कवर करता है.
- मेडिकल फील्ड जैसे डॉक्टर, नर्स और लैब टेक्नीशियन के लिए भी परीक्षा जरूरी है.
- प्रोमेट्रिक परीक्षा का खर्च लगभग 20,500 रुपये बताया गया है.
- नियमों के मुताबिक, इस टेस्ट और वीजा का खर्चा नियोक्ता (मालिक) को उठाना होगा.
- भारत में स्किल टेस्ट के लिए मुंबई और नई दिल्ली में केंद्र बनाए गए हैं.
मेडिकल स्टाफ के लिए सऊदी कमीशन फॉर हेल्थ स्पेशिएलिटीज (SCFHS) ने परीक्षा की तारीखों के अपडेट अपनी वेबसाइट पर जारी किए हैं.





