सऊदी अरब जाने की तैयारी कर रहे भारतीय कामगारों के लिए नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। सऊदी सरकार ने विजन 2030 के तहत अब वर्क वीज़ा हासिल करने से पहले कामगारों को अपनी योग्यता साबित करना अनिवार्य कर दिया है। ‘Skill Verification Program’ (SVP) के तहत अब तकनीकी नौकरियों के लिए जाने वाले लोगों को भारत में ही एक टेस्ट पास करना होगा, जिसके बिना वीज़ा पर मुहर नहीं लगेगी।
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क्या है स्किल वेरिफिकेशन प्रोग्राम और कैसे होगा टेस्ट
यह आधिकारिक टेस्ट दो हिस्सों में होता है। सबसे पहले कंप्यूटर पर 30 मिनट की लिखित परीक्षा होती है और उसके बाद प्रैक्टिकल टेस्ट लिया जाता है। प्रैक्टिकल में कामगार को अपना काम जैसे वेल्डिंग या वायरिंग करके दिखाना होता है। भारत में यह टेस्ट सऊदी एजेंसी Takamol और भारत की NSDC मिलकर आयोजित करते हैं।
इस टेस्ट को पास करने के बाद जो सर्टिफिकेट मिलता है, वह सऊदी दूतावास के सिस्टम से लिंक हो जाता है। यह सर्टिफिकेट 5 साल के लिए मान्य रहता है। अगर कोई उम्मीदवार इसमें फेल हो जाता है, तो उसे वीज़ा नहीं मिल पाएगा।
किन नौकरियों के लिए जरूरी है टेस्ट और कितना है खर्च
शुरुआत में यह नियम केवल कुछ खास नौकरियों पर था, लेकिन अब इसे इलेक्ट्रीशियन, प्लंबर, वेल्डर, एसी टेक्निशियन, मैकेनिक, कारपेंटर और पेंटर समेत 19 श्रेणियों के लिए लागू कर दिया गया है।
इस प्रक्रिया में खर्च की बात करें तो टेस्ट और सेंटर की फीस मिलाकर उम्मीदवारों को लगभग 14,000 रुपये से 17,000 रुपये के बीच भुगतान करना पड़ सकता है। यह टेस्ट किसी एजेंट के ऑफिस में नहीं, बल्कि सरकार द्वारा अधिकृत सेंटर्स पर ही देना होता है।




