Saudi ने बदली तस्वीर, पैगंबर की मस्जिद में अब 18 लाख लोग एक साथ पढ़ सकेंगे नमाज़
सऊदी अरब में पैगंबर की मस्जिद (Prophet’s Mosque) में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बड़ी खबर सामने आई है। सऊदी सरकार ने मस्जिद के विस्तार का काम बहुत बड़े स्तर पर किया है, जिसके बाद अब यहाँ एक साथ करीब 18 लाख लोग नमाज़ अदा कर सकते हैं। 6 मार्च 2026 को मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह मस्जिद के इतिहास का सबसे बड़ा विस्तार है जिसे ‘Third Saudi Expansion’ कहा जा रहा है। इसका मकसद दुनिया भर से आने वाले लाखों जायरीनों को ज्यादा से ज्यादा सुविधा और आराम देना है।
नमाज़ियों के लिए क्या खास इंतज़ाम किए गए हैं?
इस नए विस्तार में श्रद्धालुओं की सुविधा का पूरा ख्याल रखा गया है। मस्जिद के आसपास के प्रांगण और सर्विस बिल्डिंग्स को नई तकनीक से तैयार किया गया है। यहाँ धूप से बचने के लिए बड़े छाते (Canopies) और चौड़े रास्ते बनाए गए हैं ताकि भीड़ में भी लोगों को चलने में दिक्कत न हो।
- बुजुर्गों के लिए सुविधा: सभी रास्ते और जगहें इस तरह बनाई गई हैं कि बुजुर्गों और दिव्यांगों को आने-जाने में कोई परेशानी न हो।
- इलेक्ट्रिक गाड़ियाँ: परिसर में 400 इलेक्ट्रिक कार्ट और 6,000 मैनुअल व्हीलचेयर तैनात की गई हैं।
- बुकिंग सिस्टम: इंतजार कम करने के लिए इन गाड़ियों को एक खास मोबिलिटी प्लेटफॉर्म के जरिए बुक किया जा सकता है।
- ठंडक और सफाई: 25,000 कालीन और 17,000 जमजम पानी के डिस्पेंसर की देखरेख के लिए टीमें 24 घंटे काम करती हैं।
रमज़ान में एंट्री और बुकिंग के नियम क्या हैं?
सऊदी प्रेस एजेंसी (SPA) के मुताबिक, रमज़ान 1447H के लिए पूरा प्लान तैयार कर लिया गया है। भीड़ को संभालने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) वाले कैमरे और सिस्टम लगाए गए हैं जो भीड़भाड़ को रोकते हैं। रियाज़ उल जन्नत (Al-Rawdah Al-Sharifah) में नमाज़ पढ़ने और जियारत के लिए ‘Nusuk App’ के जरिए परमिट लेना अभी भी अनिवार्य है।
शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, रमज़ान के पहले 10 दिनों में ही 1 करोड़ से ज्यादा लोगों ने यहाँ नमाज़ पढ़ी है। हालांकि मस्जिद में एंट्री और जियारत पूरी तरह से मुफ्त है, लेकिन व्यवस्था बनाए रखने के लिए परमिट जरूरी किया गया है। मस्जिद के दक्षिण में एक प्रदर्शनी भी लगाई गई है जहाँ लोग इस विस्तार के इतिहास को देख और समझ सकते हैं।




