सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) अपने वार्षिक दौरे पर मदीना पहुंचे हैं। 20 से 22 फरवरी 2026 के बीच उन्होंने पैगंबर की मस्जिद (Prophet’s Mosque) में नमाज अदा की और शहर के ऐतिहासिक स्थलों का दौरा किया। इस यात्रा के दौरान सबसे अहम हिस्सा मस्जिद कुबा (Quba Mosque) का दौरा रहा, जहां इतिहास का सबसे बड़ा विस्तार कार्य चल रहा है। क्राउन प्रिंस ने मदीना के गवर्नर प्रिंस सलमान बिन सुल्तान के साथ मिलकर चल रहे कार्यों की प्रगति को देखा।

मस्जिद कुबा में क्या बदलने वाला है?

क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने 2022 में मस्जिद कुबा के विस्तार के लिए ‘किंग सलमान प्रोजेक्ट’ की शुरुआत की थी। यह इस मस्जिद के इतिहास का सबसे बड़ा निर्माण कार्य है। इसका सीधा फायदा उमराह यात्रियों और वहां रहने वाले लोगों को मिलेगा। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद यहां जगह की कमी खत्म हो जाएगी और सुविधाएं काफी आधुनिक हो जाएंगी।

  • क्षमता बढ़ेगी: पहले यहां करीब 20,000 लोग नमाज पढ़ सकते थे, जो बढ़कर अब 66,000 हो जाएगी।
  • क्षेत्रफल: मस्जिद का एरिया 5,035 वर्ग मीटर से बढ़ाकर 50,000 वर्ग मीटर किया जा रहा है।
  • ऐतिहासिक स्थल: मस्जिद के आसपास 57 पुराने कुओं और रास्तों को भी सुरक्षित और विकसित किया जा रहा है।

आम लोगों और यात्रियों के लिए नियम और सुविधाएं

मदीना जाने वाले भारतीय और अन्य विदेशी यात्रियों के लिए यह जानना जरूरी है कि मस्जिद कुबा में नमाज पढ़ने के नियम काफी आसान हैं। पैगंबर की मस्जिद के ‘रौदा शरीफ’ की तरह यहां जाने के लिए किसी ऐप से बुकिंग या परमिट की जरूरत नहीं पड़ती है। प्रशासन ने लोगों की सुविधा के लिए इसे 24 घंटे खुला रखने का फैसला किया है।

पैगंबर की मस्जिद और मस्जिद कुबा के बीच 3 किलोमीटर का एक पैदल रास्ता (Pedestrian Path) बनाया गया है। जायरीन अक्सर सुन्नत को पूरा करने के लिए इस रास्ते से पैदल जाना पसंद करते हैं। इस्लामिक मान्यताओं के अनुसार, जो व्यक्ति घर से वजू करके मस्जिद कुबा जाता है और वहां दो रकात नमाज पढ़ता है, उसे एक उमराह के बराबर सवाब मिलता है।