सऊदी और मिस्र के बीच बड़ी बैठक, क्षेत्र में बढ़ते तनाव और सुरक्षा पर हुई चर्चा
सऊदी अरब और मिस्र के बीच क्षेत्रीय सुरक्षा और शांति को लेकर बातचीत का दौर जारी है। 25 मार्च 2026 को सऊदी विदेश मंत्री Prince Faisal bin Farhan और मिस्र के विदेश मंत्री Dr. Badr Abdelatty के बीच महत्वपूर्ण चर्चा हुई। इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य मिडिल ईस्ट में बढ़ रहे सैन्य तनाव को कम करना और दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग को मजबूत करना है। दोनों नेताओं ने वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए कूटनीतिक समाधान पर जोर दिया है।
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सुरक्षा और तनाव को लेकर क्या हुई बातचीत?
सऊदी और मिस्र के नेताओं ने क्षेत्र में हो रहे हमलों और सैन्य गतिविधियों पर गहरी चिंता जताई है। बैठक के दौरान यह साफ किया गया कि किसी भी देश की संप्रभुता का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मिस्र के विदेश मंत्री ने सऊदी अरब की सुरक्षा के प्रति अपना पूरा समर्थन जताया और कहा कि सऊदी की सुरक्षा में सेंध सीधे तौर पर अरब देशों की सुरक्षा को प्रभावित करती है।
हाल के दिनों में सऊदी अरब के पूर्वी क्षेत्र में ड्रोन और मिसाइलों को मार गिराया गया है, जिसे देखते हुए यह बातचीत काफी अहम मानी जा रही है। दोनों मंत्रियों ने इस बात पर जोर दिया कि क्षेत्र को बड़े संघर्षों और अराजकता से बचाने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रयास किए जाने चाहिए। बातचीत में राजनीतिक समाधान और आपसी संवाद को प्राथमिकता देने की बात कही गई है।
हाल के दिनों में हुए मुख्य घटनाक्रम
| तारीख | मुख्य गतिविधि |
|---|---|
| 25 मार्च 2026 | सऊदी और मिस्र के विदेश मंत्रियों के बीच अहम चर्चा |
| 24 मार्च 2026 | सऊदी के पूर्वी क्षेत्र में एक ड्रोन को मार गिराया गया |
| 21 मार्च 2026 | Crown Prince Mohammed bin Salman और President El-Sisi की जेद्दा में मुलाकात |
| 19 मार्च 2026 | रियाद में कई देशों के मंत्रियों की समन्वय बैठक |
| 17 मार्च 2026 | मिस्र के विदेश मंत्री का रियाद में आधिकारिक स्वागत |
इन मुलाकातों के अलावा सऊदी अरब ने ईरानी सैन्य अधिकारियों और दूतावास के कर्मचारियों को 24 घंटे के भीतर देश छोड़ने का आदेश भी दिया है। सुरक्षा के लिहाज से यह कदम हालिया हमलों के जवाब में उठाया गया है। सऊदी अरब और मिस्र अब मिलकर अपने नागरिकों की सुरक्षा और द्विपक्षीय संबंधों को बेहतर बनाने के लिए काम कर रहे हैं। मिस्र ने अपने नागरिकों को निकालने में सऊदी द्वारा दी गई मदद की भी सराहना की है।




