Saudi और Jordan के रक्षा मंत्रियों ने ईरानी हमलों की निंदा की, सुरक्षा पर हुई बड़ी बात
Saudi Arabia और Jordan के रक्षा मंत्रियों ने क्षेत्र में हो रहे ईरानी हमलों को लेकर एक दूसरे से फोन पर बातचीत की है। 7 मार्च, 2026 को हुई इस बातचीत में दोनों देशों ने अपनी सुरक्षा और संप्रभुता के खिलाफ हो रहे हमलों की कड़ी निंदा की है। सऊदी रक्षा मंत्री प्रिंस खालिद बिन सलमान और जॉर्डन के उनके समकक्ष डॉ. जाफर हसन ने साफ किया कि वे अपने देशों की सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएंगे।
सऊदी और जॉर्डन के बीच क्या बातचीत हुई?
सऊदी प्रेस एजेंसी (SPA) के अनुसार, प्रिंस खालिद बिन सलमान को जॉर्डन के प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री डॉ. जाफर हसन का फोन आया। दोनों नेताओं ने सऊदी अरब और जॉर्डन को निशाना बनाने वाले ईरानी हमलों पर गहरी चिंता जताई और इसे क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया।
दोनों मंत्रियों ने कहा कि इस तरह के हमले पूरे क्षेत्र की स्थिरता को बिगाड़ते हैं। जॉर्डन के रक्षा मंत्री ने जोर देकर कहा कि उनका देश किसी भी पक्ष के लिए युद्ध का मैदान नहीं बनेगा और अपनी हवाई सीमा (Airspace) की रक्षा सख्ती से करेगा।
किन हमलों को लेकर बढ़ गई है चिंता?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सऊदी अरब ने रियाद के दक्षिण-पूर्व में मौजूद प्रिंस सुल्तान एयर बेस की तरफ दागे गए एक बैलिस्टिक मिसाइल को हवा में ही नष्ट कर दिया। इसके अलावा, सुरक्षा बलों ने शायबा (Shaybah) ऑयल फील्ड और रियाद के पूर्व में करीब 17 ड्रोन्स को भी मार गिराया है।
इन हमलों के बाद दोनों देशों ने अपनी एयर डिफेंस को और मजबूत करने और सहयोग बढ़ाने की बात कही है। सऊदी अरब और जॉर्डन ने साफ किया है कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत उन्हें अपनी आत्मरक्षा का पूरा अधिकार है और वे अपने नागरिकों और निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे।
गल्फ में रहने वाले भारतीयों पर क्या असर होगा?
सऊदी अरब और जॉर्डन में बड़ी संख्या में भारतीय प्रवासी (Expats) काम करते हैं। रक्षा मंत्रियों के इस बयान से वहां रह रहे लोगों को सुरक्षा का भरोसा मिलता है। दोनों देशों ने कहा है कि निवासियों (Residents) की जान-माल की रक्षा उनकी पहली प्राथमिकता है।
सुरक्षा सहयोग बढ़ने से हवाई यातायात और रोजमर्रा की जिंदगी सुरक्षित रहने की उम्मीद है। अधिकारियों ने लोगों से संयम बरतने और केवल आधिकारिक खबरों पर ही भरोसा करने की अपील की है ताकि किसी भी तरह की अफवाह से बचा जा सके।





