गल्फ देशों (GCC) में रहने वालों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी है। सऊदी अरब और क़तर ने मिलकर एक ऐतिहासिक ‘हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट’ शुरू करने का फैसला किया है। यह ट्रेन दोनों देशों की राजधानियों को आपस में जोड़ेगी।
इस प्रोजेक्ट से न सिर्फ़ सफर आसान होगा बल्कि व्यापार और पर्यटन को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
यहाँ जानिए इस ‘बुलेट ट्रेन’ प्रोजेक्ट की 5 खास बातें:
1. रफ़्तार और समय की बचत (Speed & Time) अभी रियाद से दोहा कार से जाने में करीब 6.5 घंटे लगते हैं। लेकिन इस नई इलेक्ट्रिक ट्रेन के आने के बाद यह सफर घटकर सिर्फ 2 घंटे का रह जाएगा। यह ट्रेन 300 किलोमीटर प्रति घंटा से भी ज्यादा की रफ़्तार से दौड़ेगी।
2. रूट और स्टेशन (Route) यह रेल लाइन कुल 785 किलोमीटर लंबी होगी।
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शुरुआत: रियाद (सऊदी अरब)
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स्टॉप: अल-हफ़ूफ और दम्माम
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मंजिल: दोहा (क़तर)
खास बात यह है कि यह ट्रेन रियाद के ‘किंग सलमान इंटरनेशनल एयरपोर्ट’ और दोहा के ‘हमद इंटरनेशनल एयरपोर्ट’ को सीधे जोड़ेगी, जिससे हवाई यात्रियों को भी बहुत आसानी होगी।

3. कब तक होगी शुरू? समझौते के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट को पूरा करने का लक्ष्य 6 साल रखा गया है। यानी अगले कुछ सालों में लोग इस सुपरफास्ट ट्रेन का मजा ले सकेंगे।
4. 30,000 लोगों को मिलेगी नौकरी यह प्रोजेक्ट रोजगार का भी बड़ा जरिया बनेगा। अनुमान है कि इससे 30,000 से ज्यादा नई नौकरियां (Jobs) पैदा होंगी। हर साल करीब 1 करोड़ (10 मिलियन) यात्री इस ट्रेन से सफर कर सकेंगे।
5. अरबों का फायदा इस रेलवे लाइन से दोनों देशों के बीच बिजनेस और टूरिज्म बढ़ेगा। माना जा रहा है कि इससे सऊदी और क़तर की अर्थव्यवस्था (GDP) में करीब 115 अरब रियाल का फायदा होगा। यह प्रोजेक्ट भविष्य में सभी 6 खाड़ी देशों को ट्रेन से जोड़ने की शुरुआत माना जा रहा है।





