हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में शुक्रवार की दोपहर एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसा पेश आया, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। हरिपुरधार इलाके में कुपवी से शिमला जा रही एक प्राइवेट बस अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। इस भीषण दुर्घटना में 14 लोगों की जान चली गई है, जबकि 35 से अधिक यात्री घायल बताए जा रहे हैं। घायलों में कई की हालत नाजुक बनी हुई है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। हादसा इतना भयावह था कि बस के परखच्चे उड़ गए और वह खाई में उल्टी पड़ी मिली।
शिमला जा रही बस 400 मीटर गहरी खाई में समाई, क्षमता से अधिक सवारियों और ओवरलोडिंग की वजह से बढ़ा हादसे का असर
यह हादसा दोपहर करीब 2 बजे हरिपुरधार गांव के पास हुआ, जो नाहन से लगभग 95 किलोमीटर दूर है। ‘जीत कोच’ की यह बस यात्रियों को लेकर शिमला की ओर जा रही थी। चश्मदीदों और स्थानीय लोगों के मुताबिक, बस सड़क से फिसलकर करीब 100 से 400 मीटर नीचे गहरी खाई में लुढ़क गई। बताया जा रहा है कि 39 सीटर इस बस में क्षमता से कहीं अधिक यात्री सवार थे, जिनकी संख्या 60 तक हो सकती है। ओवरलोडिंग के कारण बस का संतुलन बिगड़ा और वह सीधे खाई में जा गिरी। इस दुर्घटना में बस ड्राइवर की भी मौके पर ही मौत हो गई।
मासूम की जुबानी खौफनाक मंजर: कोहरे के कारण कुछ दिखा नहीं और पलक झपकते ही पलट गई बस
हादसे में घायल हुई एक 9 वर्षीय बच्ची दिव्यांशी ने दुर्घटना का रोंगटे खड़े कर देने वाला आंखों देखा हाल बयां किया। बच्ची ने बताया कि पहाड़ी पर कोहरा छाया हुआ था, जिसके कारण दृश्यता (विजिबिलिटी) बेहद कम थी। बस अचानक रुकी और इससे पहले कि यात्री कुछ समझ पाते, वह पलट गई। यात्रियों को संभलने का कोई मौका नहीं मिला। चीख-पुकार के बीच बस खाई में गिरती चली गई। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में मातम पसर गया है और मृतकों में महिलाएं व बच्चे भी शामिल हैं।
कीचड़, गड्ढे और पैराफिट न होने से फिसली बस, खस्ताहाल सड़कों ने ली यात्रियों की जान
प्रारंभिक जांच में हादसे के पीछे सड़कों की बदहाली और सुरक्षा इंतजामों की कमी मुख्य कारण के रूप में सामने आई है। जिस जगह हादसा हुआ, वहां सड़क पर पानी का जमाव था और काफी कीचड़ व गड्ढे थे। पहाड़ी और संकरे रास्ते होने के बावजूद सड़क के किनारे सुरक्षा के लिए पैराफिट (रेलिंग) नहीं लगाए गए थे। फिसलन भरी सड़क और सुरक्षा दीवार न होने के कारण बस सीधे खाई में जा गिरी। यह हादसा एक बार फिर सिरमौर की सड़कों की दयनीय स्थिति और प्रशासन की लापरवाही की ओर इशारा करता है।
मौके पर मची अफरा-तफरी के बीच रेस्क्यू ऑपरेशन, पीएम मोदी ने जताया गहरा दुख और मुआवजे का किया ऐलान
हादसे की खबर मिलते ही स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया। इसके बाद एसडीएम, एसपी और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं। घायलों को ददाहू, राजगढ़, नाहन, सोलन और शिमला के आईजीएमसी अस्पताल में रेफर किया गया है। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान स्वयं अस्पताल में मौजूद रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री राहत कोष से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भी शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है और प्रशासन को घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए हैं।




