Strait of Hormuz में फंसे हजारों नाविक, 1000 से ज्यादा भेजे गए मदद के मैसेज, युद्ध के बीच बिगड़े हालात
Strait of Hormuz के पास युद्ध जैसे हालातों के बीच नाविकों की स्थिति बहुत खराब हो गई है। International Transport Workers Federation (ITF) को नाविकों की तरफ से एक हजार से ज्यादा संकट के संदेश मिले हैं। ये नाविक खाने-पीने की चीजों, पीने के पानी, दवाइयों और घर वापसी के लिए गुहार लगा रहे हैं। 28 फरवरी 2026 से शुरू हुए इस तनाव ने समुद्री रास्तों पर भारी असर डाला है और नाविकों के बीच दहशत का माहौल है।
नाविकों की क्या है स्थिति और क्यों मांग रहे हैं मदद?
ITF के अधिकारियों के अनुसार, नाविकों के फोन कॉल और मैसेज दिन-रात आ रहे हैं। कई नाविकों ने जहाजों के पास हो रही बमबारी के वीडियो भी भेजे हैं और वहां से निकलने के लिए मदद मांगी है। इस क्षेत्र में लगभग 20,000 नाविक फंसे हुए हैं और अब तक 8 लोगों की जान जा चुकी है। जहाजों पर काम करने वाले लोग घबराए हुए हैं क्योंकि उन्हें युद्ध वाले क्षेत्रों में काम करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
- नाविकों को पीने के पानी और भोजन की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है।
- कई चालक दल के सदस्यों को तत्काल चिकित्सा सहायता की आवश्यकता है।
- नाविकों ने अपने जहाजों के पास हो रहे धमाकों के वीडियो साझा किए हैं।
- घर वापसी की मांगों में 20% तक की बढ़ोतरी देखी गई है।
समुद्री व्यापार पर असर और सुरक्षा के नए नियम
Strait of Hormuz को अब आधिकारिक तौर पर ‘High Risk Area’ और ‘War Zone’ घोषित कर दिया गया है। इससे जहाजों का बीमा बहुत महंगा हो गया है और इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों की संख्या में 95% तक की गिरावट आई है। हालांकि ईरान ने भारत, पाकिस्तान और चीन जैसे देशों के जहाजों को रास्ता देने की बात कही है, लेकिन फिर भी नाविक सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। हाल ही में कुछ भारतीय और पाकिस्तानी जहाजों ने नया रास्ता अपनाकर वहां से निकलने की कोशिश की है।
| विवरण | ताज़ा आंकड़े और जानकारी |
|---|---|
| संकट के संदेश | 1000 से अधिक संदेश प्राप्त हुए |
| फंसे हुए नाविक | लगभग 20,000 (IMO के अनुसार) |
| मौत की संख्या | कम से कम 8 नाविक और वर्कर | 90% से 95% की कमी दर्ज |
| सुरक्षा श्रेणी | High Risk Area और War Zone |
संयुक्त राष्ट्र के अनुरोध पर ईरान अब मानवीय सहायता और खेती से जुड़े सामानों को ले जाने वाले जहाजों को रास्ता देने के लिए तैयार हुआ है। लेकिन सामान्य व्यापारिक जहाजों के लिए खतरा अभी भी बना हुआ है। अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देशों ने भी जहाजों को इस इलाके से बचकर रहने की सलाह दी है।




