Trump का बड़ा दावा: ईरान पर हमले को बताया ‘Excursion’, कहा- अमेरिका युद्ध से बाहर रहेगा
Donald Trump ने ईरान पर चल रही सैन्य कार्रवाई को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने इसे पूरी तरह से युद्ध मानने से इनकार करते हुए ‘Excursion’ करार दिया है। अमेरिका का कहना है कि इस कदम का मकसद खुद को बड़े युद्ध से दूर रखना है। यह बयान Trump ने Cincinnati में Thermo Fisher Scientific फेसिलिटी के दौरे के वक्त दिया। उन्होंने कहा कि उनके लिए यह एक छोटा अभियान है जो अमेरिका को बड़े युद्ध से बचाएगा।
ईरान पर अमेरिकी कार्रवाई और नुकसान
Trump ने दावा किया है कि अमेरिका ने इस संघर्ष में जीत हासिल कर ली है, लेकिन काम पूरा होने तक कार्रवाई जारी रहेगी। पिछले 12 दिनों से चल रहे इस संघर्ष में अमेरिकी सेना ने ईरान के कई अहम ठिकानों को बर्बाद कर दिया है। इसके अलावा ड्रोन बनाने वाले प्लांट और मिसाइल ठिकानों को भी निशाना बनाया जा रहा है।
- ईरान के 7,000 से 8,000 मिसाइलों में से एक बड़े हिस्से को लॉन्च होने से पहले ही बेअसर कर दिया गया है।
- अब तक 58 ईरानी जहाज नष्ट किए जा चुके हैं।
- ड्रोन बनाने वाले प्लांट पर सीधे हमले हो रहे हैं।
स्पेन को धमकी और इराक में अमेरिकी तेल ठिकानों पर खतरा
कूटनीतिक मोर्चे पर भी तनाव बढ़ रहा है। Trump ने स्पेन के साथ व्यापार बंद करने की धमकी दी है क्योंकि इस NATO सहयोगी ने अमेरिकी सेना को अपने सैन्य बेस इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं दी। दूसरी तरफ, बगदाद स्थित अमेरिकी दूतावास ने 11 मार्च को चेतावनी जारी की है। इस चेतावनी में कहा गया है कि ईरान और उसके समर्थित इराकी सशस्त्र समूह इराक में अमेरिकी तेल ठिकानों को निशाना बना सकते हैं।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और भारत का रुख
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने आरोप लगाया है कि अमेरिका ने बातचीत के बीच में ही उन पर हमला कर दिया। इजराइल की सेना ने भी साफ कर दिया है कि उनके पास अभी भी कई टारगेट हैं और वे अपने ऑपरेशन का दायरा बढ़ाएंगे। भारत के विदेश मंत्रालय ने कमर्शियल जहाजों पर हो रहे हमलों की निंदा की है। हाल ही में भारत आ रहे एक थाईलैंड के झंडे वाले जहाज पर भी हमला हुआ था। UN Security Council ने ईरान से खाड़ी देशों पर हमले रोकने की मांग की है।





